श्रावणी मेला 2022: बाबा के गुनहगार पर दरबार में होगा फैसला, पढ़िए क्या है पूरा मामला...

बंगाल के हावड़ा शहर से 13 लोगों का जत्था 80 किलो का कांवर लेकर बाबा धाम के लिए रवाना हुआ है. इसमें से एक ऐसे सदस्य हैं जो कांवर नहीं उठाने पर उन्हें हथकड़ी लगाकर बाबा धाम ले जाया जा रहा है.

श्रावणी मेला के शुरु होने के साथ कंवारिया पथ पर विभिन्न प्रकार के भक्त नजर आ रहे हैं. इसी क्रम में गुरुवार को बंगाल से आए एक भक्त अपने हाथ में हथकड़ी लगाकर बाबा का दर्शन के लिए जाते दिखे. उन्होंने बताया कि पिछले दो साल से मैंने कांवर नहीं उठाया है. इसलिए मैं बाबा का गुनहगार हूं. मेरी सजा का फैसला बाबा करेंगे. इसलिए मैं हाथ में हथकड़ी लगाकर बाबा के दरबार में जा रहा हूं.

दरअसल, बंगाल के हावड़ा शहर से 13 लोगों का जत्था 80 किलो का कांवर लेकर बाबा धाम के लिए रवाना हुआ है. इसमें से एक ऐसे सदस्य हैं जो कांवर नहीं उठाने पर उन्हें हथकड़ी लगाकर बाबा धाम ले जाया जा रहा है. हथकड़ी लगे हुए कांवरियों ने बताया कि किसी ने मेरे ऊपर बाबा के दरबार में केस किया कि मैं कांवर नहीं उठाया हूं. इसको लेकर बाबा के कोर्ट में तारीख पड़ाहै. इसलिए मुझे हथकड़ी लगा कर ले जाया जा रहा है. बाबा के दरबार में मेरी पेशी होगी. जहां फैसला होगा. बाबा के कोर्ट में इनका फैसला होगा कि यह कांवर क्यों नहीं लिए हैं. बाबा के दरबार में क्षमा याचना करेंगे और बाबा से प्रार्थना और विनती करेंगे.

आकर्षक 80 किलो वजनी कांवर लेकर चले हावड़ा के कांवरिया का दल ने बताया कि यह हम लोग संकेतिक रूप से एक कांवरियों को हथकड़ी लगाकर बाबा दरबार में ले जा रहे हैं. जिससे कि यह लोगों और भक्तों को पता लगे कि कांवर नहीं उठाने वालों पर बाबा के दरबार में भी केस होता है और बाबा उनको सजा सुनाते हैं. इसलिए सभी भक्तों से उन्होंने आग्रह किया है कि जो कांवर भक्त उठाते हैं. वह कांवर लेकर बाबा दरबार अवश्य जाएं.सांकेतिक हथकड़ी लगे हुए कांवरियां को ले जा रहे कांवरियों का दल को देखने के लिए लोगों की भीड़ रास्ते में उमड़ पड़ी थी.

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