flood in sheikhpura : शेखपुरा में गंगा का पानी हरोहर नदी में पहुंचते ही घाटकुसुम्भा प्रखंड में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. हरोहर नदी का पानी अब निचले इलाकों के खेतों में फैलने लगा है. पानापुर, सुजावलपुर, बाउघाट, गदबदिया और अकरपुर के खेतों में पानी पहुंच गया है, जिससे धान की फसल पर डूबने का खतरा मंडराने लगा है. नदी के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में 23 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी है और नदी खतरे के निशान से महज 10 सेंटीमीटर नीचे बह रही है.
उल्टी धारा बनी खतरे की घंटी
बेलौनी गांव निवासी समाजसेवी पप्पू राज ने बताया कि हरोहर नदी की धारा जब उल्टी दिशा में बहने लगती है तो इसे गंगा का पानी नदी में पहुंचने का संकेत माना जाता है. बाढ़ नियंत्रण विभाग के जूनियर इंजीनियर रजनी ने भी हरोहर में गंगा का पानी पहुंचने की पुष्टि की है.
24 घंटे में बढ़ सकता है करीब एक फीट पानी
जूनियर इंजीनियर के अनुसार पिछले 24 घंटे में हरोहर के जलस्तर में 23 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है. फिलहाल नदी खतरे के निशान से केवल 10 सेंटीमीटर नीचे है. अगर जलस्तर बढ़ने की यही रफ्तार बनी रही तो अगले 24 घंटे में नदी का पानी करीब एक फीट तक बढ़ सकता है. ऐसे में घाटकुसुम्भा प्रखंड के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और गंभीर हो सकता है.
खेतों तक पहुंचा पानी, धान पर संकट
हरोहर का पानी पानापुर, सुजावलपुर, बाउघाट, गदबदिया और अकरपुर के खेतों तक पहुंच चुका है. फिलहाल धान की फसल पूरी तरह पानी में नहीं डूबी है, लेकिन जलस्तर में लगातार वृद्धि होने पर फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है.
दो दिनों में 66.23 एमएम बारिश
सितंबर की शुरुआत के साथ जिले में बारिश का दौर भी तेज हुआ है. पिछले दो दिनों में जिले में औसतन 66.23 एमएम बारिश दर्ज की गयी है. जिला कृषि पदाधिकारी गौरव कुमार शर्मा के अनुसार एक सितंबर को 31.40 एमएम और दो सितंबर को 34.83 एमएम औसत बारिश हुई. बारिश के बाद खेती-किसानी का काम तेज हुआ है और उर्वरक दुकानों पर भी किसानों की भीड़ बढ़ी है.
दो फीट ऊपर पहुंचा तो बन सकती है बाढ़ की स्थिति
बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार हरोहर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब दो फीट ऊपर पहुंचने पर घाटकुसुम्भा प्रखंड में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. फिलहाल नदी का पानी खेतों तक फैला है. विभाग की ओर से 24 घंटे जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है.
जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ से निबटने की तैयारी पूरी रखने का दावा किया है. नाव और दवाओं का स्टॉक उपलब्ध रखा गया है. जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए ऊंचे स्थानों को चिह्नित किया गया है. आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है.
नालंदा की नदियों पर भी टिकी नजर
नालंदा जिले की नदियों में पानी बढ़ने पर हरोहर का जलस्तर और तेजी से बढ़ सकता है. नालंदा की कई नदियां हरोहर में आकर मिलती हैं. ऐसे में गंगा के पानी के साथ सहायक नदियों का पानी भी हरोहर में पहुंचा तो स्थिति तेजी से बदल सकती है. हालांकि, जिले की टाटी, नाटी, कौड़िहारी और रातोइया नदियों में फिलहाल पानी नहीं आया है. इन नदियों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है.
