शेखपुरा में 9 माह से घर मे खड़ी बाइक का 2 बार कटा चालान, फर्जी नंबर प्लेट से वाहन चलाने का आरोप

शेखपुरा में 9 महीने से घर में खड़ी बाइक का दो बार चालान कटा. पीड़ित परिवार ने फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर वाहन चलाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

Traffic Challan : शेखपुरा जिले में वाहन चालान से जुड़ा हैरान करने वाला मामला सामने आया है. मेहुश मोड़ निवासी भूपेंद्र कुमार की बाइक पिछले करीब नौ महीने से घर में खड़ी है, लेकिन इस दौरान उसके नंबर पर दो बार चालान कट गया. परिवार का कहना है कि भूपेंद्र लंबे समय से पटना में नौकरी कर रहे हैं और उनकी बाइक घर से बाहर नहीं निकली है. इसके बावजूद चालान के मैसेज मिलने के बाद परिजनों की चिंता बढ़ गयी है.

पहली शिकायत के बाद रद्द हुआ था चालान

भूपेंद्र के पिता महेंद्र प्रसाद के अनुसार, पहली बार 1 जून को मोबाइल पर चालान कटने का मैसेज आया था. घर में बाइक खड़ी होने के कारण परिवार को मामला संदिग्ध लगा. इसके बाद इसकी शिकायत पुलिस से की गयी. एसपी के निर्देश पर जांच के बाद पहला चालान रद्द करा दिया गया था.

9 माह से खड़ी बाइक का दो बार कटा चालान

परिवार को लगा कि मामला यहीं खत्म हो गया, लेकिन करीब ढाई महीने बाद फिर उसी नंबर पर चालान कटने का मैसेज पहुंच गया. 16 अगस्त को दोबारा चालान की जानकारी मिलने के बाद परिजनों को आशंका हुई कि कोई दूसरा व्यक्ति उनकी बाइक का नंबर इस्तेमाल कर रहा है.

चालान में दिख रही बाइक अलग

परिजनों के मुताबिक, भूपेंद्र कुमार की बाइक पैशन प्रो है और उसका रजिस्ट्रेशन नंबर BR52B3266 है. जबकि चालान में जिस वाहन की तस्वीर दिखाई गयी है, वह ग्लैमर बाइक है. बाइक के मॉडल में अंतर होने के बावजूद चालान उसी नंबर पर जारी किया गया है.

परिवार का आरोप है कि कोई अन्य व्यक्ति उनकी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर बाइक चला रहा है. यही वजह है कि घर में खड़ी बाइक के नाम पर सड़क पर चल रहे दूसरे वाहन का चालान कट रहा है. लगातार दूसरी बार ऐसी स्थिति सामने आने के बाद परिजनों ने मामले की गंभीरता से जांच की मांग की है.

एसपी से जांच और कार्रवाई की मांग

परिजनों ने शेखपुरा एसपी हिमांशु से मामले की जांच कराने और फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वाहन चलाने वाले व्यक्ति की पहचान करने की मांग की है. परिवार का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति उनकी बाइक का नंबर लगाकर वाहन चला रहा है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

परिजनों को सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि फर्जी नंबर प्लेट वाला वाहन किसी आपराधिक घटना में इस्तेमाल हो सकता है. ऐसी स्थिति में वाहन के रजिस्ट्रेशन के आधार पर उनके पुत्र का नाम सामने आ सकता है और उन्हें बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. परिवार ने पुलिस से जल्द जांच कर वास्तविक वाहन और उसके चालक की पहचान करने की अपील की है.


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लेखक के बारे में

By Pradeep Kumar

प्रदीप कुमार प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. धोरैया (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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