शेखपुरा. रात्रि गश्ती में सुस्ती बरतना जिले के केवटी थानाध्यक्ष त्रिपुरारी कुमार और दारोगा असलम हजाम को महंगा पड़ गया. एसपी हिमांशु ने दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए लाइन हाजिर कर दिया. इससे पहले एसपी ने कार्य में शिथिलता बरतने के मामले में अरियरी थानाध्यक्ष अखिलेश सिंह को भी निलंबित करते हुए लाइन हाजिर किया था.
तड़के तीन बजे एसपी ने किया रात्रि गश्ती का निरीक्षण
एसपी हिमांशु ने बताया कि 15 सितंबर मंगलवार की तड़के करीब तीन बजे वह स्वयं जिले में पुलिस की रात्रि गश्ती व्यवस्था का निरीक्षण करने निकले थे. इस दौरान उन्होंने केवटी थाना क्षेत्र का भी निरीक्षण किया. वहां थानाध्यक्ष या उनके द्वारा नामित दारोगा असलम हजाम ड्यूटी से गायब मिले.
एसपी ने बताया कि केवटी थाना जिले का महत्वपूर्ण थाना है. इस थाना क्षेत्र से नेशनल हाइवे पर रातभर वाहनों का आवागमन होता है. इसी क्षेत्र में टोल नाका भी है. ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में रात्रि गश्ती नहीं होना गंभीर लापरवाही है.
कर्तव्यहीनता मानकर थानाध्यक्ष को किया निलंबित
एसपी ने बताया कि केवटी थानाध्यक्ष की इस कार्यशैली को कर्तव्यहीनता की श्रेणी में पाया गया. इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए लाइन हाजिर कर दिया गया. वहीं, ड्यूटी से अनुपस्थित मिले दारोगा असलम हजाम के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर लाइन हाजिर किया गया.
पुराने हत्या मामले में सुस्ती पर अरियरी थानाध्यक्ष पर कार्रवाई
उधर, चेवाड़ा में तैनाती के दौरान एक पुराने हत्या मामले के अनुसंधान में सुस्ती बरतने और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के आरोप में अरियरी थानाध्यक्ष अखिलेश सिंह को भी निलंबित करते हुए लाइन हाजिर किया गया है. एसपी ने बताया कि अनुसंधान में बरती गयी शिथिलता को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की गयी है.
रात्रि गश्ती में शिथिलता बर्दाश्त नहीं : एसपी
एसपी हिमांशु ने कहा कि लोगों की हरसंभव मदद के लिए पुलिस 24 घंटे तत्पर है. खासकर रात्रि गश्ती के दौरान किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी. रात्रि गश्ती को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए एसपी के साथ एएसपी, डीएसपी, पुलिस निरीक्षक समेत अन्य अधिकारी लगातार निगरानी और अनुश्रवण कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस की रात्रि गश्ती सेवा से बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित हो रहे हैं.
