वापस लौटी बरात, दूल्हा आंध्रा बैंक में है पीओ
शेखपुरा : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दहेज प्रथा को समाप्त करने की दिशा में पहल का असर दिखने लगा है. शेखपुरा की बेटी ने दहेज लोभियों को सबक सिखाने के लिए ऐसा कदम उठाया कि उनकी बोलती बंद हो गयी. शेखपुरा जिले के कटारी गांव निवासी अनिल महतो की बीटेक कर रही पुत्री का विवाह बरबीघा प्रखंड के वीरपुर मधेपुर गांव निवासी बालेश्वर प्रसाद के पुत्र राजा रंधीर कुमार के साथ तय हुआ था. राजा रंधीर पश्चिम बंगाल में बैंक ऑफ आंध्रा में पीओ के पद पर कार्यरत है तथा उनके परिजन झारखंड के सिंदरी में रहते हैं. एक वर्ष पूर्व तय की गयी शादी में शुक्रवार की शाम जब बरात शेखपुरा पहुंची,
तो पहले बरात को ठहराने की व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हुआ. इसके बाद दूल्हे ने जनवासा पर ही दहेज में स्कॉर्पियो की मांग कर दी. इस विवाद में दूल्हे ने मंडप पर जाने के बजाय शादी के लिए दुल्हन को जनवासा पर ही लाने की शर्त रख दी. शादी की खुशियां तनाव में बदल गयीं. जब इसकी जानकारी दुल्हन को मिली, तो उसने दहेज
दहेज में स्कॉर्पियो मांगने पर दुल्हन…
लोभी दूल्हे से शादी करने से मना कर दिया. काफी मान-मनौव्वल के बाद दूल्हे को शादी की रस्म के लिए मंडप में बुलाया गया, तब भी दूल्हे का विरोध जारी रहा. स्काॅर्पियो की मांग पर अड़ा दूल्हा शहर के वीआइपी रोड से खाली पांव और बिना पगड़ी के पैदल ही एक किलोमीटर दूर मंडप की ओर चल दिया. इस दौरान बरात और लड़की पक्ष में मारपीट होने लगी. इससे दुल्हन के चाचा समेत बरात से भी कई लोग जख्मी भी हो गये. हालांकि इस दौरान परिस्थितियां कुछ ऐसी बनीं कि बराती पक्ष और दूल्हा बिना शर्त ही शादी करने को राजी हो गये,
लेकिन दुल्हन शादी का जोड़ा बदल कर अपने फैसले पर अडिग रही. आखिरकार शनिवार की शाम तक दूल्हे पक्ष के लोगों को दुल्हन के पिता की ओर से दिये गये लाखों के उपहार को लौटा कर बिना शादी लौटना पड़ा. दुल्हन ने बताया कि दहेज लोभी परिवार में अगर शादी होती, तो उसका जीवन नरक के समान हो जाता. दुल्हन के पिता अनिल महतो ने बताया कि दहेज के कारण पुत्री ने शादी से इनकार कर दिया.
दूल्हे से जब इस बारे में पूछा गया तो उसने इतना ही कहा कि गलती हो गयी. अनिल महतो ने शेखपुरा शहर के बाइपास स्थित अपने निजी आवास में शादी समारोह की व्यवस्था कर रखी थी. इस दौरान हुए विवाद को सुलझाने के लिए जदयू जिलाध्यक्ष डॉ अर्जुन प्रसाद, राजेश रंजन उर्फ गुरुजी, डॉ संतोष कुमार समेत अन्य लोगों ने मध्यस्थता की.
जिला जदयू अध्यक्ष डॉ. अर्जुन प्रसाद ने बताया कि शादी में दहेज के खिलाफ युवती ने साहसी फैसला लिया. पढ़ी-लिखी लड़कियों को इस तरह की पहल करनी चाहिए. दहेज लोभी से विवाह नहीं करने का फैसला समाज के लिए वरदान साबित होगा.
