कार्रवाई. जेइ हत्याकांड में 4 माह बाद मिली कामयाबी
शेखपुरा : मनरेगा के जेइ उज्जवल राज की 17 जनवरी 2017 को गोली मारकरकी गयी. हत्या के मामले में मुख्य सरगना बालमुकुंद यादव पहले भी कई बार शेखोपुरसराय के रास्ते नवादा का सफर तय कर चुका है. इतना ही नहीं वाहन जांच के दौरान पुलिस उसके बाइक की डिक्की की भी जांच कर उसकी पहचान नहीं होने के कारण वह बच निकला है. शनिवार की देर रात्रि 10:30 बजे वह नवादा के एक तिलक समारोह में शामिल होने जा रहा था. खुद की रवानगी के पहले हत्या आरोपित बालमुकुंद यादव ने अपने चार बाइक सवार सहयोगियों को सड़क मार्ग की स्थितियों पर नजर रखने के लिए रवाना किया था.
लेकिन वह नशा के जरूरतों को पूरी करने के लिए बैठा तो विलंब हो गया. इस दरमियान उनके सभी सहयोगी शेखपुरा सीमा को पार कर नवादा सीमा में पहुंच चुके थे. शेखपुरा के कारे गाव से शेखोपुरसराय के रास्ते नवादा जाने के क्रम में बालमुकुंद यादव ने सहयोगियों से सड़क मार्ग पर पुलिस गतिविधि की स्थिति की जानकारी ली.
सहयोगियों ने जब रास्ता साफ होने का संकेत दिया था, तभी वह यहां से रवाना हुआ. इस बीच जब शेखोपुर सराय पुलिस वाहन जांच की आड़ में आरोपित को पकड़ने के लिए अपना जाल बिछाये थी. तभी बालमुकुंद हमेशा की तरह निर्भीक होकर अपना डिक्की भी जांच करा लिया. इसी क्रम में एक पुलिसकर्मी ने नशा में होने की संभावना को देखते हुए हेलमेट उतारने को कहा और तभी बालमुकुंद यादव हेलमेट जमीन पर पटक कर बाइक छोड़ पैदल भाग निकलने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों की सजगता से वह दबोच लिया गया.
एक्सयूवी कार का नंबर प्लेट हटाकर यात्रा सफर: मनरेगा जेइ उज्जवल राज हत्याकांड में फरार चल रहे हैं अभियुक्त बालमुकुंद यादव बेशकीमती एक्सयूवी कार का भी मालिक है. इस हत्याकांड में जब पुलिस पूरी सजगता के साथ आरोपी बालमुकुंद को गिरफ्तार करने के लिए अपना पूरा जाल बिछाया था.
उसी दरमियान एक दिन आरोपित बालमुकुंद यादव का एक्सयूवी कार नंबर प्लेट खुला हुआ पाया. पुलिस को यह सूचना बाद में मिली. लेकिन नंबर प्लेट खोल कर वाहन में सफर करने की आशंका को लेकर पुलिस ने कई बिंदुओं पर छानबीन की. इस दरमियान पुलिस ने आरोपी के पुराने एक्सयूवी चालक से भी पूछताछ की थी. हालांकि वह पूछ ताछ बेनतीजा साबित हुआ.
मनरेगा योजना को भी खंगालेगी पुलिस
मनरेगा जेई उजवल राज के हत्याकांड के बाद इस मामले की छानबीन में जुटी पुलिस पंचायत के योजनाओं की संचिकाओं को खंगालेगी. इस बाबत एसपी राजेंद्र कुमार भील ने बताया कि योजनाओं से संबंधित कई दस्तावेज डीडीसी निरंजन कुमार झा के द्वारा उपलब्ध कराया गया है. उन्होंने बताया कि पंचायत में ऐसी कौन सी योजनाएं थी, जिसमें बिना काम कराए ही कनीय अभियंता पर हिंदी बुक करने का दबाव बनाया जा रहा था. उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत में वैसे योजनाएं भी खंगाली जायेंगी जिसमें पहले भी निकासी हुई है.
