शेखपुरा : आंगनबाड़ी केंद्रों द्वारा गर्भवती माताओं तथा बच्चों के बीच वितरण किये जाने वाले टीएचआर का भौतिक सत्यापन करना होगा. जिलाधिकारी ने बुधवार को आंगनबाड़ी के कामकाज की समीक्षा के दौरान यह आदेश जारी किया. जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी द्वारा चलाये जा रहे सभी कार्यों की समीक्षा की तथा उसमें धमी प्रगति पर असंतोष भी […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
शेखपुरा : आंगनबाड़ी केंद्रों द्वारा गर्भवती माताओं तथा बच्चों के बीच वितरण किये जाने वाले टीएचआर का भौतिक सत्यापन करना होगा. जिलाधिकारी ने बुधवार को आंगनबाड़ी के कामकाज की समीक्षा के दौरान यह आदेश जारी किया. जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी द्वारा चलाये जा रहे सभी कार्यों की समीक्षा की तथा उसमें धमी प्रगति पर असंतोष भी जाहिर किया. जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी के नित्य प्रति कार्य के अलावा कन्य सुरक्षा योजना, परवरिश योजना आदि के कार्य में भी प्रगति लाने को कहा गया.
आंगनबाड़ी केंद्र पर नामांकित सभी बच्चों के पोशाक मद की राशि सभी आंगनबाड़ी सेविका के बैंक खाता में भेज देने की जानकारी दी गयी . बैठक की जानकारी देते हुए जिला सूचना व जनसंपर्क पदाधिकारी योगेंद्र कुमार लाल ने बताया कि जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान जिले में बनाये जा रहे आंगनबाड़ी केंद्र भवन के बारे में विस्तृत ब्योरा देने को कहा है.
सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी की पूर्ण तथा लंबित भवन की सूची मांगी गयी है. बैठक में जिलाधिकारी ने सरकार के परवरिश योजना के तहत प्राप्त सभी आवेदन को सत्यापित कर स्वीकृति के लिए एसडीओ के पास शीघ्र भेजने का निर्देश दिया. परवरिश योजना के तहत बेसहारा,अनाथ बच्चों को प्रतिमाह सरकारी राशि मदद के रूप में दी जाती है. इस योजना के तहत कुष्ठ पीड़ित व एचआइवी प्रभावित मां-पिता के संतान को भी सरकारी मदद दी जाती है. जिलाधिकारी ने इस योजना के प्रति सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को संवेदनशीलता दिखाते हुए अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त करने तथा उसे सत्यापित कर स्वीकृति के लिए भेजने का निर्देश दिया है. उसी प्रकार कन्या सुरक्षा योजना में भी पहल करने का निर्देश दिया गया.