सफलता. बाढ़ से लूटा गया कपड़ों से भरा ट्रक शेखपुरा में बरामद
जीपीएस के माध्यम से मामले में सफलता पायी
शेखपुरा : पटना जिला के बाढ़ स्थित एनटीपीसी के पास से कपड़ों से भरी ट्रक को यहां पुलिस ने बरामद कर लिया है. इस मामले में दो को पुलिस ने 30 लाख के कपड़ों के गट्ठर के साथ गिरफ्तार कर लिया तथा शेष की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गयी है. एसडीपीओ अमित शरण ने बरामदगी के बाद प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर बताया कि पटना स्थित राजधानी ट्रांसपोर्ट एजेंसी ने भागलपुर के लिए कपड़ों को ट्रक पर लादा था.
16 मई को रात्रि में बाढ़ एनटीपीसी के पास स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने ट्रक के चालक को कब्जे में कर ट्रक यहां ले आया. नगर क्षेत्र के इंदिरा पैलेस के पास सभी कपड़ों की गट्ठर उतारने के बाद खाली ट्रक को निकटवर्ती लखीसराय जिला के रामगढ़ के पास छोड़ दिया और उसी स्कॉर्पियो से ट्रक चालक को नवादा छोड़ दिया. बाद में यहां पुलिस लाइन के बगल में खाली एक क्रशर मशीन के मकान में कपड़ा रखने का गोदाम भाड़ा पर लिया और लूटी गयी सभी कपड़ों को वहां रख दिया.
ट्रांसपोर्ट कंपनी के कर्ताधर्ता द्वारा पुलिस को सूचना दिये जाने के बाद सभी आसपास के जिला के पुलिस को सतर्क किया गया और लूटी गयी ट्रक में लगे जीपीएस के माध्यम से इस मामले में सफलता पायी. पकड़ा गया शंभु सिंह बाढ़ अनुमंडल के मरांची का रहने वाला है. जबकि दूसरा गणेश सिंह उसी जगह के वरूआने का रहने वाला है. एसडीपीओ ने बताया कि इसके पूर्व भी उजला स्कॉर्पियो के सहयोग से और कई ट्रक लूटकांड को अंजाम दिया गया है. इस गिरोह के सदस्यों की संख्या बहुत ज्यादा है.
पुलिस अनुसंधान में सभी तार जोड़ने में लगी है. मामले की संवेदनशीलता को लेकर सभी तथ्यों का खुलासा इस समय नहीं किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि इस घटना के त्वरित उद्भेदन में नगर थानाध्यक्ष संतोष कुमार के साथ-साथ हथियावां ओपी प्रभारी नीरज पांडेय, कोसुम्भा ओपी प्रभारी मिथलेश कुमार, चेवाड़ा थानाध्यक्ष राजकिशोर सिंह की भूमिका सराहनीय रही. इन सभी को पुरस्कृत किये जाने की अनुशंसा की जा रही है.
लोगों को चिह्नित करने में जुटी पुलिस : एसडीपीओ
एसडीपीओ अमित शरण ने बताया कि इस घटना के स्थानीय सूत्रों को चिह्नित किया जा रहा है. 16 मई को कपड़ा लूट के बाद बदमाशों ने कपड़े को रखने के लिए गोदाम 1500 रुपये प्रतिमाह के किराये पर धरमपुर गांव के मोहन महतो से लिया. इस मामले में मोहन महतो की भी संलिप्तता की पुलिस जांच कर रही है.
उन्होंने बताया कि मंझे हुए अपराधी की भांति इन दोनों ने दोपहर में सभी कपड़ा यहां लाकर रखा. रास्ते में पुलिस वाले तथा खेत और गाय चराने वालों के पूछने पर नये व्यापार की शुरुआत की जानकारी देते रहा. उन्होंने बताया कि इस लूट कांड की सफलता से दोनों काफी आनंदित थे तथा आशान्वित थे . पुलिस बल ने दोनों को वहीं मौके से गिरफ्तार कर लिया. दोनों ने पूछताछ के दौरान अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है, परंतु अभी अपने गैंग के लोगों तथा स्थानीय सहयोगी के नाम बताने में कतरा रहे हैं.
