हिलसा : पिछड़ा अतिपिछड़ा वर्ग का अपने आप को हितैषी बताने वाली महागंठबंधन के लोगों ने यह साबित कर दिया की उसकी हितैषी नहीं बल्कि कट्टर दुश्मन है. दलितों के अधिकार के लिये जब आयोग का गठन किया गया तो ये महागंठबंधन के लोग रवैया उलटा कर लिया. बुधवार को पार्टी कार्यालय हिलसा में उक्त बाते पूर्व विधायक सह बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पत्रकारों को बताया. उन्होंने कहा संविधान के अनुसार दलितों के लिए एक आयोग का गठन किया गया जिसको संवैधानिक दिया गया. किसी भी दलित को कोई समस्या होती है तो उसमें अपनी बात कहने का अधिकार है
एवं आयोग उचित निर्णय लेता है जिसका आदेश सरकारी संस्थानों में मान्य होता है.आज तक कोई पिछड़ा आयोग नही बना जिसको सवैधानिक पावर हो. उन्होंने कहा पिछले पांच सालों में पिछड़ा आयोग में लगभग 36 हजार शिकायतें आयी जिसमे सिर्फ 34 का ही निपटारा हो पाया क्योंकि उनको संवैधानिक पावर नहीं हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सवैधानिक पावर देने के उदेश्य से पिछड़ा आयोग का गठन का प्रस्ताव लोक सभा एव राज्य सभा में पेश किया गया जो पिछड़ा अतिपिछड़ा वर्ग के लिये बहुत की सम्वेदनशील हैं.
जिस आयोग को पास करने के लिये लोक सभा और राज्य सभा के समुचित संख्या की जरूरत है.परन्तु यूपीए में सम्लित पार्टिया कांग्रेस, राजद, जदयू ने लोक सभा में इस बिल पर कोई संसोधन नहीं रखा और बिना किसी संसोधन के यह पास हो गया वही पार्टी के सदस्यों ने राज्य सभा में संख्या को देखते हुए पास होने नही दिया क्योकि ये लोग जानते है कि बिना उनकी सहमति के यह बिल पास नहीं होगा. उन्होंने कहा कि महागठबंधन के लोग नहीं चाहते कि पिछड़ा अतिपिछड़ा वर्ग के लिये इस तरह के आयोग बने.
महागठबंधन के लोगों ने झूठा प्रचार कर पिछले चुनाव में पिछड़ों की हितैषी कहकर वोट ठगने का काम किया और जब पिछड़ा अतिपिछड़ा वर्ग को कुछ देने की बात आयी तो अपना रवैया उलटा कर लिया. महागठबंधन के नेताओं का मानना हैं की यदि पिछड़ा अतिपिछड़ा का विकास होगा तो हमसे दूर हो जायेंगे इसलिए जब तक ये सब सड़कों पर रहेंगे तब तक हमारे साथ रहेंगे. श्री रंजन ने कहा किसी भी हाल में दलितों की अधिकार के लिये यह आयोग को पास करा कर ही रहेगे. ऐसा नहीं होने पर बीजेपी संघर्ष व आंदोलन करेगी. अंत में उन्होंने कहा की बिहार में अपराधियों का साम्राज्य कायम हत्या, लूट, डकैती, चोरी, समेत अन्य प्रकार की अापराधिक घटनाओं में काफी वृद्धि हुई है.
