392 घरेलू हिंसा से जुड़े मामले दर्ज हैं
शेखपुरा : जिले में संचालित महिला हेल्प लाइन घरेलू हिंसा के पीड़ितों के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है.रिस्तो में कड़वाहट और दरार के साथ घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने में यह हेल्प लाइन अपनी अहम भूमिका निभा रहा है. हेल्पलाइन घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को इनसाफ दिलाने की यह व्यवस्था कई स्तरों से होकर गुजरता है. खास कर महिलाएं पति और ससुराल के लोगों से ज्यादा प्रताड़ना की पीड़ित होती है.
प्रताड़ना के वैसे ही मामले महिला हेल्प लाइन में आते हैं. अभी तक महिला हेल्प लाइन शेखपुरा में 392 घरेलू हिंसा से जुड़े मामले दर्ज किये गये हैं. महिला हेल्पलाइन के परियोजना प्रबंधक अमृता रंजन ने बताया कि इन मामलों में 355 मामलों को निष्पादित भी किया जा चुका है. उन्होंने बताया कि हाल ही में चेबाड़ा की नाज प्रवीण को घरेलू हिंसा के दर्ज मामले में हेल्प लाइन द्वारा इन्साफ दिलवाई गयी है.पीड़िता प्रवीण के दर्ज मामले 302/16 के अनुसार उसका पति मजहर आलम ने धोखा देकर दूसरी शादी मैमूल निशा के साथ रचाकर गुप्त तरीके से किराये के मकान में रख रहा था. इसी बीच प्रवीण को एक बच्ची पैदा हो गयी.
बच्ची के पैदा होते ही उसे तरह तरह का प्रताड़ना ससुराल वालों के द्वारा दिया जाने लगा. कुछ दिन पहले ही उसे भनक लगी थी कि उसके पति दूसरी शादी कर दूसरी बीबी को किराये के मकान में रख उसका परवरिश कर रहा है. जिसका वह विरोध करने लगी. इसी वजह से उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया. वह महिला हेल्प लाइन से इन्साफ की गुहार लगायी. मामला दर्ज कर दोनों पक्षों की सुनवाई की गयी. नाज और उसकी बच्ची की परवरिश के लिए न्यायालय को प्रपत्र भर कर दी गयी. जिसपर न्यायालय ने पीड़िता प्रवीण के पति मजहर आलम को नाज प्रवीण और उसकी बच्ची के भरण पोषण के लिये 4000 रु प्रतिमाह मुआवजा देने का फैसला सुनाया.
इस तरह हेल्प लाइन ने पीड़िता को इनसाफ दिलवाई. परियोजना प्रबंधक दयाल ने बताया कि एक अन्य मामले वाद संख्या 75/16-17 में बरबीघा थाना क्षेत्र के डीह निजामत निवासी अनीता देवी भी अपने पति राहुल चौधरी और ससुराल वालों पर मारपीट कर घर से निकाल देने का मामला दर्ज करायी थी. दोनों पक्षों के बीच काफी कड़वाहट आ चुकी थी. एक दूसरे को देखना तक पसंद नहीं करते थे. लेकिन महिला हेल्पलाइन ने दोनों पक्षों को नोटिस कर काउंसिलिंग की. कई स्तरों पर दोनों पक्षों के दिलों में घुली कड़वाहट को मिठास में बदलने की कोशिश की गयी. अंततः दोनों पक्षों की कड़वाहट घुल गयी और दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया. ख़ुशी ख़ुशी अनीता अपने पति राहुल के घर चली गयी और रह भी रही है. प्रबन्धक दयाल ने बताया कि घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को हेल्प लाइन में बिना किसी खर्च के ही इन्साफ दिलायी जाती है.
