राजस्व वसूली में होगी तेजी

मुहिम. राजस्व में फिसड्डी गांव पर बिजली आपूर्ति में कटौती हथियावां,मेहुश समेत दर्जनों गांवों की विद्युत आपूर्ति पर पड़ेगा प्रभाव शेखपुरा : जिले में विद्युत आपूर्ति को लेकर राजस्व में फिसड्डी गांव पर अब विभागीय शिकंजा कसने लगा है. विभाग ने वैसे गांव को चिह्नित कर विद्युत आपूर्ति में कटौती शुरु कर दी है, जहां […]

मुहिम. राजस्व में फिसड्डी गांव पर बिजली आपूर्ति में कटौती

हथियावां,मेहुश समेत दर्जनों गांवों की विद्युत आपूर्ति पर पड़ेगा प्रभाव
शेखपुरा : जिले में विद्युत आपूर्ति को लेकर राजस्व में फिसड्डी गांव पर अब विभागीय शिकंजा कसने लगा है. विभाग ने वैसे गांव को चिह्नित कर विद्युत आपूर्ति में कटौती शुरु कर दी है, जहां से राजस्व उगाही काफी कम हो रहा है.
गांव में विद्युत आपूर्ति इस नयी व्यवस्था से एक तरफ जहां विभागीय राजस्व में इजाफे के आसार बढ़ने लगे हैं. वहीं दूसरी ओर किसानाें के फसलों में पटवन का संकट गहराने के आसार बढ़ गया है. जिले में विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था के लिए 80 फीसदी घाटे का आंकड़ा को झेल रहे विभाग अब राजस्व वसूली की स्थिति में सुधार के लिए अपना कमर कस रहा है. इस सुधार में सबसे बड़ी कार्रवाई के रूप में गांव के अंदर राज्य के अनुरूप ही बिजली बहाल करने की व्यवस्था को प्राथमिकता के तौर पर लागू कर दिया गया है.
इस व्यवस्था के तहत राजस्व में फिसड्डी गांव में पहले जहां 20 से 24 घंटे बिजली आपूर्ति होती थी, अब मात्र 12 से 14 घंटा ही आपूर्ति होगी. इतना ही नहीं अगर इस कार्रवाई के बाद भी गांव में विद्युत उपभोक्ता में इजाफा से लेकर राजस्व में बढ़ोतरी नहीं दिखी तब चिह्नित गांव में विद्युत आपूर्ति इससे भी आधे की जा सकती है. विभाग के इस कड़े रूख अपनाने के बाद जिले के कृषि प्रधान गांव में किसानी बुरी तरह प्रभावित होने लगा है.
क्या है स्थिति: जिले में बिजली आपूर्ति के अनुरूप राजस्व की स्थिति को स्थापित करने में विभाग ने जब अपना कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. ऐसे में लोगों को विद्युत कनेक्शन से लेकर बिल में गड़बड़ी सुधारने के लिए भी कई सुविधाएं बहाल की गयी है. अधिकारियों के मुताबिक विद्युत विभाग बिजली कनेक्शन के लिए अब शिविर का आयोजन कर रही है. जबकि विद्युत विपत्र में गड़बड़ी मैं सुधार के लिए भी प्रत्येक माह के 15 तारीख को कार्यालय कैंपस में स्पेशल कैंप का आयोजन किया जा रहा है. इसके बावजूद भी राजस्व में सुधार नहीं होने की स्थिति में विभाग ने गांव के अंदर राजस्व में फिसड्डी विद्युत उपभोक्ताओं के समक्ष विद्युत आपूर्ति में कटौती की कार्रवाई की जा रही है.
क्या है आंकड़ा: जिले में सभी 55हजार विद्युत उपभोक्ता हैं. इन उपभोक्ताओं से लगभग चार करोड़ प्रति माह राजस्व वसूल होना चाहिए. लेकिन वर्तमान स्थिति में विभाग को मात्र एक करोड रुपए प्रतिमाह का ही वसूली की जा रही है.
इन गांवों में नहीं मिलते राजस्व
जिले में विद्युतीकरण योजना के तहत तेज रफ्तार से काम कर रहे विद्युत विभाग ने जब राजस्व के दृष्टिकोण से अपना कदम उठाया है तब न्यूनतम विद्युत राजस्व देने वाले गांव में हथियावां, कामता, चाडे, अवगिल, चितौरा गांव शामिल है. जबकि बेहतर विद्युत राजस्व देने वाले गांव में कारे बाजितपुर चेवाडा, हुसैनाबाद समेत अन्य गांव शामिल है. दोनों दृष्टिकोण से चिन्हित सैकड़ो गांव की बिधुत आपूर्ति बहाल करने की व्यवस्था की गयी है.खाश कर न्यूनतम राजस्व देने वाले इन गांवो पर विभाग खाश तौर पर शिकंजा कसने की कारवाई कर रही है.
क्या कहते है अधिकारी
जिले में विद्युत आपूर्ति के लिए राज्य लगभग 80 प्रतिशत नुकसान में है. राजस्व में सुधार के लिए विभाग ने रेवेन्यू लिंक से जोड़कर विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था वहाल करने की पहल किया है. इस व्यवस्था के तहत जिन गांवों से राजस्व की स्थिति ठीक नहीं है वहां विधुत की आपूर्ति में कटौती करने का निर्देश दिया गया है.
प्रवेज आलम, सहायक अभियंता विद्युत विभाग (सप्लाई)

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