शेखपुरा : काले धन को सफेद करने में भारतीय स्टेट बैंक कृषि शाखा के मैनेजर मनिंद्र सिंह फंस गये हैं. इस संबंध में बैंक के कैश प्रभारी अर्जुन चौधरी की लिखित शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है. 27 लाख रुपये को बदलने की शिकायत पुलिस के समक्ष की गयी थी. पुलिस ने इस मामले में प्राथमिक जांच पड़ताल के बाद स्थानीय अनुसूचित जाति/जनजाति थाना में मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस अब इस मामले के अनुसंधान में लग गयी है. इस संबंध में एसपी राजेंद्र कुमार भील ने बताया कि बैंक के कैश ऑफिसर अर्जुन चौधरी ने पुलिस के पास लिखित शिकायत दर्ज करायी थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि छह नवंबर को 11 बजे शाखा प्रबंधक ने अपने कक्ष में बुला कर उन्हें रुपया बदलने का आदेश दिया. हालांकि प्रबंधक बैंक के प्रशासनिक प्रधान होते हैं,
परंतु नकद का प्रभार कैश ऑफिसर के पास ही होता है. कैश ऑफिसर के इनकार पर बैंक मैनेजर ने आपा खो दिया और उसे सभी लोगों के सामने भद्दी-भद्दी गाली देने लगे. महादलित जाति का होने के कारण प्रबंधक ने उसे जाति सूचक गाली भी दी तथा यहां से उसका तबादला कर देने की भी धमकी दी. साथ ही रुपया नहीं बदलने पर जान से मारने की भी धमकी दी. इस संबंध में उन्होंने बैंक शाखा में मौजूद सभी व्यक्तियों को भी पुलिस के समक्ष गवाह के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि उत्तेजित बैंक प्रबंधक को बैंक कर्मियों और ग्राहकों ने शांत कराया तथा उसे किसी प्रकार बचाया. उसने आशंका व्यक्त की है कि इस मामले में प्रबंधक रुपया नहीं बदलने को लेकर उसकी जान भी ले सकता है. गौरतलब है कि मुकदमा करने वाले महादलित बैंक कर्मी स्थानीय हैं. बैंक के सटे मुहल्ले में ही उनका घर है तथा शाखा प्रबंधक पर इतना बड़ा आरोप लगा कर इस नोटबंदी के मामले में जिले में नया तथ्य उजागर कर दिया है.
