महाकाल से रूद्राभिषेक कर अपने पोते के साथ लौट रहे थे घर, दूसरे दिन परिजनों को मिली सूचना
बरबीघा (शेखपुरा) : निष्ठुर काल ने महाकाल से रूद्राभिषेक कर अपने प्रिय पाते 25 वर्षीय उत्तम कुमार के साथ लौट रहे अवकाश प्राप्त सिविल सर्जन डॉ भुनेश्वर प्रसाद सिंह को इहलीला समाप्त कर दी. कानपुर ट्रेन हादसे के दूसरे दिन परिजनों के घटना स्थल पर पहुंचने के बाद प्रशासन द्वारा मृतक की पहचान के बाद क्षेत्र के परिजनों को दी गयी मार्मिक सूचना ने स्थानीय चिकित्सा जगत में मातम पसर गया. वहीं उनके मुहल्ले कोयरीविघा सहित उनके शुभचिंतकों, परिचितों सहित क्षेत्रवासियों में शोक की लहर दौड़ गयी.
रविवार तड़के घटी भीषण ट्रेन हादसे में परिजनों द्वारा डाॅ भुनेश्वर एवं पोते उत्तम कुमार के साथ नालंदा जिले के सरमेरा प्रखंड अंतर्गत सिंघौल गांव निवासी रामाकांत त्रिवेदी की टोह ली जाने लगी. मीडिया द्वारा रामाकांत त्रिवेदी के मौत की खबर प्रसारित होते ही आशंकाग्रस्त परिजनों द्वारा घटना स्थल के लिए बेटे सतीश एवं दूसरे पोते सत्यम कुमार द्वारा प्रस्थान किया गया. रास्ते में ही उत्तम कुमार के जख्मी अवस्था में संयुक्त जिला स्वास्थ्य केंद्र कानपुर में भरती होने की खबर से परिजनों को कुछ राहत तो मिली पर देर रात तक घटनास्थल पहुंचने के बावजूद डॉ भुनेश्वर के बारे में कोई सूचना नहीं मिलने से संशय की स्थिति बनी रही.
लेकिन सोमवार लड़के घटना के दूसरे दिन डाॅ भुनेश्वर के मृत शरीर की पहचान परिजनों द्वारा होते ही क्षेत्र में मौत की सन्नाटा पसर गया. क्षेत्र के प्रसिद्ध चिकित्सक भुनेश्वर प्रसाद सिंह के निवास पर स्थानीय चिकित्सकों के द्वारा प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया.
