औचक निरीक्षण में दो चिकित्सक मिले फरार

मनमानी. फर्जी उपस्थिति बना कर गायब रहते हैं डॉक्टर इमरजेंसी सेवा का लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा शेखपुरा : जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में डॉक्टरों ड्यूटी से फरार रहने के लिए सरकार के सारे नियमों को दरकिनार कर अपनी मनमानी को अंजाम दे रहे हैं. इसका खामियाजा मरीजो को भुगतान पड़ रहा है. साथ […]

मनमानी. फर्जी उपस्थिति बना कर गायब रहते हैं डॉक्टर

इमरजेंसी सेवा का लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा
शेखपुरा : जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में डॉक्टरों ड्यूटी से फरार रहने के लिए सरकार के सारे नियमों को दरकिनार कर अपनी मनमानी को अंजाम दे रहे हैं. इसका खामियाजा मरीजो को भुगतान पड़ रहा है.
साथ ही ऊपरी लेवर पर हो रहे इस खेल का गलत संवाद नीचले और जमीनी कर्मियों तक पहुंच रहा है. दरअसल सदर अस्पताल में चिकित्सक शाम काल के ही अपनी फर्जी उपस्थिति बनाकर रात ड्यूटी से गायब रहते हैं. यानि पूरी रात अस्पताल में संस्थागत प्रसव हो अथवा इमरजेंसी सेवा मरीज भगवान और स्वास्थ्य कर्मियों के भरोसे अपनी जिंदगी को दांव पर लगाने को विवश रहते हैं.
इस संबंध में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डाॅ के पुरुषोत्तम ने बताया कि सदर अस्पताल में गुरुवार की अहले सुबह करीब 4 बजे जब वे एक सिजेरियन करने पहुंचे तब औचक निरीक्षण भी किया. निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजी पर रात्रि ड्यूटी पर तैनात नशा मुक्ति केंद्र के नोडल अधिकारी डाॅ वीरेंद्र प्रसाद रात ड्यूटी से उपस्थिति बनाकर ड्यूटी से फरार थे. उपाधीक्षक ने बताया कि दोनों चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई किया जा रहा है.
सदर अस्पताल में बायोमेट्रिक सिस्टम से उपस्थिति के लिए तीन साल पहले ही पहल किया गया था. इसको लेकर मशीन भी लगाये गये थे, लेकिन चार महीनों में ही उसे खराब कर दिया गया. सबसे बड़ी बात यह है कि फर्जी उपस्थिति से लेकर ड्यूटी में समय की पाबंदी सुनिश्चित करने के लिए लगाये गये इस सिस्टम को दोबारा चालू नहीं कराया गया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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