आरटीपीएस के जरिये सीधे बैंक खाते में पहुंच जायेगी मानदेय की राशि
शेखपुरा : आंनगाबाड़ी सेविका और सहायिकाओं को मानदेय भुगतान अब प्रत्यक्ष नाम अंतरण यानी डीबीटी पद्धति से होगा. इसके पहले निचले स्तर पर कार्यरत इन महिला कर्मियों को मानदेय के लिए अपने अधिकारियों का मुंह देखते समय बीतता था. सरकारी सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पटना से सीधे इनके बैंक खाते में मासिक मानदेय की राशि चली जायेगी. आइसीडीएस मुख्यालय पटना से इस संबंध में जिले में कार्यरत सभी सेविका और सहायिका का बैंक खाता सहित अन्य जानकारी इकट्ठा कर भेजने को कहा गया है.
सभी औपचारिकता पूरा होने के बाद आरटीपीएस कर इनके दिये गये बैंक खाते में राशि प्रत्येक माह पहुंच जायेगी. हालांकि पोषाहार के मामले में अभी इस तरह की किसी विशेष व्यवस्था की जानकारी नहीं है. उधर आंगनबाड़ी के कामकाज में विशेष बदलाव भी मुख्यालय स्तर पर किया जा रहा है. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नई व्यवस्था के तहत कुछ अधिकारी के अधिकार कम किये जा सकते हैं तथा कुछ के अधिकार बढ़ाये जा सकते हैं.
फिलहाल आंगनबाड़ी केंद्र पर सहायिका तथा सेविका नई बहाली में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के अधिकार में कटौती कर दी गयी है. इन नई बहाली में अब महिला दर्जे को शक्ति दी गयी है. नई बहाली के समय ग्राम पंचायत के वार्ड सदस्य की अध्यक्षता में नियोजन कमेटी में महिला पर्यवेक्षिका ही शामिल की गयी हैं. जिले में आंगनबाड़ी केंद्र के 34 सेविका और सहायिका के खाली पदों पर चयन की प्रक्रिया भी नये दिशा-निर्देशों से शुरू की जा रही है.
