अनदेखी. आधी रात को पहाड़ी भूखंडों में हो रही अवैध ब्लास्टिंग
खनन पट्टों में पत्थर उत्खनन को लेकर हो रही नियमों की अनदेखी
शेखपुरा : जिले में पत्थर उत्खनन को लेकर अवैध ब्लास्टिंग का दौर एक बार फिर शुरू हो गया हे. आधी रात को कारोबारियों के द्वारा नियम कायदों को ताक पर रख कर यहां अवैध विस्फोट को अंजाम देकर भारी मात्रा में पत्थर तोड़ कर सरकारी राजस्व को चूना लगा रहे हैं. जिले में नये सिरे से शुरू किये गये पहाड़ी भूखंडों की प्रक्रिया में कारे, सुरदासपुर, मटोखर, नीरपुर समेत अन्य भूखंडों की बंदोबस्ती की गयी है.
यहां सभी 13 बंदोबस्ती पहाड़ी भूखंडों में से नीरपुर के एमजीसीपीएल एवं श्रृष्टि कंस्ट्रक्शन को विस्फोट कर पत्थर उत्खनन की अनुमति मिली है. जबकि शेष 11 में से 6 अन्य कंपनियों के भूखंडों में ब्लास्टिंग अनुमति की प्रक्रिया जारी है. जिले में पत्थर उत्खनन को लेकर पिछले कई दिनों से आधी रात के दौरान आधी रात को अवैध विस्फोट कर प्रशासनिक व्यवस्था के समक्ष कड़ी चुनौती दे रहे हैं.
हो रहा अवैध विस्फोट :
जिले में पत्थर उद्योग को नये सिरे से चालू तो किया गया, लेकिन दुखद बात यह है कि इस पर नियंत्रण को लेकर पहले की तरह कमेटिया का गठन कर जिम्मेवारी नहंी दी जा सकी. आलम यह है कि पत्थर कारोबारी काफी चालाकी से अवैध विस्फोट को आधी रात को अंजाम दे रहे हैं और सूचना के बाद स्थानीय पुलिस कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति कर रहे हैं.
क्या है नियम : जिले में पत्थर उत्खनन को लेकर विस्फोटक का इस्तेमाल करने के लिए अधिकृत विस्फोटक कंपनियों से कांट्रैक्ट किया जाता है. इसके बाद भूखंडों में विस्फोट के लिए सुबह सात बजे से लेकर सूर्यास्त से पहले तक का समय निर्धारित किया जाता है.
इस पूरी प्रक्रिया में अहम बात यह है कि झारख्यांड से आने वाले विस्फोटक के भान जिस रास्ते से होकर शेखपुरा पहुंचेंगे. सबंधित सभी थानों को भी सूचना देना होता है. इसके बाद जिलाधिकारी की अनुमति पर खनन विभाग के अधिकारी की मौजूदगी में निर्धारित मानकता के आधार पर विस्फोट किया जाता है.
क्या हुई घटना : दो दिन पहले आधी रात करीब 10:50 बजे कारे पहाड़ी में एक के बाद एक कर सात विस्फोट हुए. अधिकारियों को मिली सूचना के बाद जब मौके पर पहुंची पुलिस ने पहाड़ी भूखंडों का खाक छान मारा लेकिन कुछ नहीं मिल सका.
विस्फोटक में क्या होते रहे इस्तेमाल :जिले में इसके पूर्व जब अवैध विस्फोट की सूचनाओं पर छापेमारी होती रही तब जिलेटिन, डेटोनेटर, पलीता, अमोनियम नाइट्रेट और डीजल की बरामदगी होती थी.
कहां से आ रहे हैं विस्फोटक :
जिले के कारे पहाड़ी में अक्सर हो रहे विस्फोट को लेकर जिस प्रकार आधी रात का सहारा लिया जा रहा है. उसमें कोई संदेह नहीं है कि लोग अवैध कारनामों को अंजाम देने के लिए विभाग द्वारा निर्धारित मापदंडों को नजरअंदाज कर रहे हैं.
क्या है स्थिति :
जिले में नई व्यवस्था के तहत सभी 30 भूखंडों की नीलामी होनी है, जिसमें अभी 13 भूखंडों के नीलामी हो सके. इस बंदोबस्त भूखंडों में से सात लोगों ने विभाग से एकरार भी किया. इन कंपनियों में अभी एमजीसीपीएल एवं श्रृष्टि को विस्फोट लाइसेंस है, जबकि नवयुगा के दो ब्लॉक, बीएलपीए नसिंह सिंह, कातियानी को ब्लास्टिंग की अनुमति के लिए प्रक्रिया अभी जारी है.
पहले क्या थी व्यवस्था :
जिले में पत्थर उत्खनन के द्वारा विभाग को राजस्व का चूना नहीं लगा सके इसके लिए जिला स्तर पर टास्क फोर्स कमेटी का गठन किया गया था. एसडीएम की अध्यक्षता में एसडीपीओ एवं थानाध्यक्ष को औचक निरीक्षण की जिम्मेवारी थी. इसके अलावा भी एडीएम और डीडीसी के नेतृत्व में निगरानी कमेटी का गठन किया गया था, लेकिन पत्थर उद्योग की नई व्यवस्था में अभी इस मॉनिटरिंग कमेटियों को जिम्मेवारी नहीं दी जा सकी है.
क्या कहते हैं अधिकारी :
पत्थर उत्खनन को लेकर शाम सात बजे तक ही अधिकतम विस्फोट किया जा सकता है. इसके लिए झारखंड में अवस्थित मैगजीन से विस्फोटक लेकर केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत कंपनी यहां विस्फोटक सामग्री यहां पहुंचा कर विस्फोट करेगी और वापस लौट जायेगी. जिले में दो पहाड़ी भूखंडों को विस्फोट की अनुमति है.
मनोज कुमार मिश्रा,खनिज विकास पदाधिकारी, शेखपुरा
