शेखपुरा : वेतनमान को लेकर नियोजित शिक्षकों की मजबूती गोलबंदी को लेकर तीन साथियों का आमरण अनशन शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा.
इसके साथ अनशन कर रहे मध्य विद्यालय कोरमा के समन्वयक राकेश,मुकुल कुमार,प्रखंड शिक्षक कमलगढ़ युगेश्वर केशरी ने कहा कि नियोजित शिक्षकों की शत-प्रतिशत गोलबंदी होने तक आमरण अनशन जारी रहेगा. वहीं तीसरे दिन दोपहर बाद गंभीर अवस्था में मध्य विद्यालय पुरैना के अनशनकारी शिक्षक राकेश रंजन के उपचार के लिए सदर अस्पताल में भरती कराया गया.
नियोजित शिक्षकों के आंदोलन को समर्थन का एलान करते हुए सीपीआइ के राज्य नेता जितेंद्र नाथ ने कहा कि हमारी नीति रही है कि जो अपने अधिकार के लिए संघर्ष करता है हम उसका समर्थन करते हैं.
इस मौके पर जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के सचिव राकेश सिंह, जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के संयोजक रामोदय शर्मा, नियोजित शिक्षक संघ के रामाशीष यादव समेत अन्य दर्जनों ने आमरण अनशन के समर्थन में जुटे रहे.
डीइओ व बीइओ कार्यालय में जड़ा ताला:शेखपुरा. वेतनमान समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलन पर रहे शिक्षकों ने शनिवार को डीइओ कार्यालय एवं बीइओ कार्यालय में तालाबंदी कर दी.
शेखपुरा. वेतनमान को लेकर शिक्षकों के आंदोलन को धारदार मोड़ देने के लिए आमरण अनशन पर डटे तीन नियोजित शिक्षकों को लेकर आंदोलनकारी दो खेमा में बंटे दिखे.
इस आंदोलन का बड़ा हिस्सा अनशन तुड़वाने का समर्थन कर रहे थे. इस दौरान सीपीआइ नेता जितेंद्र नाथ,जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के संयोजक रामोदय शर्मा एवं सचिव राकेश कुमार भी मौके पर पहुंच कर अनशन तुड़वाने की अपील की. इस मौके पर जितेंद्र नाथ ने कहा कि संगठन और नेता कोई भी हो लेकिन जब मकसद एक है तब आंदोलन में राजनीति ठीक नहीं. आंदोलन को ही नेता मान कर अपने सांगठनिक लड़ाई को तेज करें.
शेखपुरा : जिले के लगभग 14 हजार किसानों को फसल क्षति का लाभ दिया जायेगा. सरकार के निर्देशों पर जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में वृहत सर्वे कर राज्य आपदा प्रबंधन तथा कृषि विभाग को भेजा गया है.
कृषि विभाग द्वारा तैयार इस सूची में किसानों के क्षतिपूर्ति के लिए 8.94 करोड़ रुपये की मांग की गयी है. जिला कृषि पदाधिकारी ब्रजमोहन प्रसाद जोशी ने बताया कि पिछले दिनों तेज आंधी के साथ आयी वर्षा तथा ओलावृष्टि से यहां खेतों में खड़ी फसल को भारी नुकसान उठाना पड़ा था.
यहां गेहूं के 6970 हेक्टेयर भू-भाग के अलावा मक्का के 420 हेक्टेयर,चना के 1520 हेक्टेयर, मसूर के 1740 हेक्टेयर, प्याज के 820 हेक्टेयर सब्जी के 60 हेक्टेयर तथा आम-अमरूद सहित अन्य फलों के 25 हेक्टेयर भू-भाग पर खड़ी फसल को क्षति पहुंचा था. उन्होंने बताया कि यहां 13755 किसानों के बीच 89410620 रुपया की राशि वितरण करने की मांग की गयी हैव. सरकार के आपदा प्रबंधक से राशि मिलते ही सभी किसानों को मुहैया करा दी जायेगी. जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि सरकार को सभी प्रभावित किसानों की सूची उनके भूमि के ब्योरा के साथ दिया गया है.
किसानों का इस आकस्मिक आपदा से 35 से लेकर 50 प्रतिशत तक फसल बरबाद होने की बात सर्वे में आयी है. खेतों में बचे फसल के परिणाम से क्षति का आकलन किया गया है. इस संबंध में प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक तथा किसान सलाहकारों को और शेष बचे किसानों को क्षति का आकलन शीघ्र कर रिपोर्ट देने को कहा गया है. इन अधिकारियों को दो दिनों की मोहलत दी गयी है.
