पहले यक्ष्मा ने निकम्मा बनाया फिर ठंड ने ले ली जान

शेखपुरा : 25 साल की उम्र में जीवन के कई उतार-चढ़ाव की मजधार से गुजरने वाले जितेंद्र मांझी आखिरकार पिछले रात को इस दुनिया से अलविदा हो गया. करीब सात साल पहले विवाह के बंधन में बंध कर दो बेटियों का बाप जितेंद्र शेखपुरा के पुल पर स्थित पहाड़ी तलहटी में अपनी जिंदगी गुजर-बसर कर […]

शेखपुरा : 25 साल की उम्र में जीवन के कई उतार-चढ़ाव की मजधार से गुजरने वाले जितेंद्र मांझी आखिरकार पिछले रात को इस दुनिया से अलविदा हो गया.
करीब सात साल पहले विवाह के बंधन में बंध कर दो बेटियों का बाप जितेंद्र शेखपुरा के पुल पर स्थित पहाड़ी तलहटी में अपनी जिंदगी गुजर-बसर कर रहा था. कभी ईंट खोले पर तो कभी अपने शहर में मजदूरी कर अपनी पत्नी गीता देवी और पिता बालेश्वर मांझी का भरन-पोषण करता रहा.
परंतु इस छोटे से परिवार का उभरता कमाऊ सदस्य करीब चार साल पहले टीबी बीमारी का शिकार हो गया. बीमार जितेंद्र की हालत इस कदर हो गयी कि वह बीमारी के कारण निकम्मा हो गया. निकम्मेपन में ही उसकी विवाहिता भी उसे छोड़ कर चली गयी. पिछले तीन सालों से पहाड़ी तलहटी में दो वक्त की रोटी और इलाज को मुहताज युवक को जब सदर अस्पताल में भरती कराया गया तब वहां भी दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया.
आखिरकार पीड़ित युवक अपने झोपड़ी में वापस लौट गया.आखिरी वक्त में फूस की रात उसने दस आंटी बिचाली पर सो कर गुजारी. स्थानीय समाजसेवी व सीपीआइ नेता जगदीश चौधरी एवं लोजपा नेता दीपू कुमार ने बताया कि बुधवार की रात जितेंद्र की मौत ठंड के कारण हो गयी. उसके परिवार की गैर मौजूदगी में उसके शव का अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जा रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >