शेखपुरा : टाउन थाना क्षेत्र के हसनगंज गांव में रिश्तेदार बनकर आये युवक की हत्या मामले में शव की पहचान कर ली गयी है. मृतक झारखंड के धनबाद स्थित पुराना बाजार के दरी मोहल्ला का निवासी ब्रह्मदेव राम का पुत्र प्रमोद कुमार है. वह, 5 जून कि सुबह शेखपुरा शहर के गिरिहिंडा प्रोफेसर कॉलोनी स्थित अपने साला विनोद राम के घर गृह प्रवेश के निमंत्रण में आया था. मृतक पूर्व से ही मिर्गी बीमारी से पीड़ित एवं शराब का आदी था. यहां पहुंच कर शराब नहीं मिलने की स्थिति में वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठा. वह गृह प्रवेश के दिन 6 जून को दोपहर बाद करीब 3:00 बजे वह घर से निकला इसके बाद परिजनों को कोई सुराग नहीं मिल सका. मृतक की तलाश में परिजनों ने शेखपुरा रेलवे स्टेशन के जीआरपी एवं उत्पाद खाने में भी उस दिन की थी लेकिन कहीं भी कोई सुराग नहीं मिल सका था.
खुशियां गम हो गयी तब्दील
घटना की कड़ी में संयोगवश मृतक का पुत्र और पुत्री का नाम शहर के हसनगंज गांव निवासी सुरेंद्र उर्फ शुलों के बच्चों से मिलता-जुलता था. घटना के दिन दीक लगने के कारण मृतक प्रमोद राम शहर के हसनगंज गांव पहुंचा और अपने ही पुत्री का नाम रिया बताते हुए उसके घर का पता पूछने लगा. तभी गांव के लोग समझे कि वह शूलों महतो की पुत्री का घर का पता पूछ रहा है. ग्रामीणों ने सुलो महतो के घर का पता बता दिया. मानसिक संतुलन खो चुका युवक, उक्त आरोपी के घर में जाकर बैठ गया. तभी चोर समझकर आरोपियों ने पीट-पीटकर कर उनके हत्या कर दी. बड़े ही उत्साह से अपने साला विनोद कुमार राम के घर गृह प्रवेश का निमंत्रण में आये प्रमोद राम की हत्या ने सारी खुशियों को गम में तब्दील कर दिया.
हत्या का है मामला
दरअसल मृतक प्रमोद के साला विनोद राम मूल रूप से शेखपुरा जिले के गोहदा गांव के मूल निवासी हैं.पूर्व में ही विनोद राम गांव छोड़कर धनबाद शिफ्ट कर गये थे. वहां आउट सोर्सिंग के तहत बैंक में काम करते हैं. शेखपुरा शहर स्थित प्रोफेसर कॉलोनी में अपना नया मकान बनाये थे. यहां 6 जून को घरेली के बाद 7 जून को विनोद राम के पुत्र का जन्मदिन मनाने की तैयारी चल रही थी. लेकिन इसी बीच प्रमोद राम की हत्या कर दी गयी. इस घटना के बाद मृतक के पुत्र राकेश कुमार ने बताया कि वह जमुई के अघहरा गांव के मूल निवासी थे. कई दशक पूर्व ही वह गांव के घर बेचकर धनबाद में शिफ्ट कर गये थे.
पुलिस की जांच बिंदु में आया नया मोड़
प्रमोद राम की हत्या मामले में पुलिस जिन संभावनाओं को लेकर जांच बिंदुओं को अंजाम देने में जुटी थी. उसमें बृहस्पतिवार की सुबह विराम मिल गया. टाउन थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि इस मामले में ऐसी आशंका जतायी जा रही थी कि हत्यारोपी सुरेन्द्र उर्फ शूलों महतो की दूसरी पत्नी का ही मृतक कोई रिश्तेदार है और उसी बिंदु में जांच की जा रही थी.थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को परिजनों ने मृतक के शब की पहचान कर ली है.कानूनी प्रक्रिया के बाद उन्हें अंतिम संस्कार के लिए शव उपलब्ध करा दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि हत्या मामले में प्राथमिकी के आधार पर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी.
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