किताबों से आगे सॉफ्टवेयर पर हाथ आजमाया, मैटलैब से इंजीनियरिंग समस्याओं का समाधान सीख रहे विद्यार्थी

शिवहर के राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में मैटलैब पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुई. छात्रों को इंजीनियरिंग समस्याओं को हल करने के लिए मैटलैब के व्यावहारिक अनुप्रयोगों, सिमुलेशन और विश्लेषण का प्रशिक्षण दिया गया.

Sheohar News: पिपराही. छतौना स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, शिवहर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से विद्यार्थियों को मैटलैब और इसके विभिन्न इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों से परिचित कराने के लिए आयोजित तीन दिवसीय व्यावहारिक कार्यशाला का रविवार को समापन हुआ. ‘इंजीनियरिंग में मैटलैब का परिचय एवं इसके अनुप्रयोग’ विषय पर आयोजित कार्यशाला 4 से 6 सितंबर तक महाविद्यालय के प्रोजेक्ट एवं सिमुलेशन लैब में हुई.

मैटलैब के मूल सिद्धांतों से कराया गया परिचित

कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को मैटलैब के मूलभूत सिद्धांतों के साथ इसके विभिन्न इंजीनियरिंग अनुप्रयोग, सिमुलेशन, विश्लेषण और व्यावहारिक उपयोग की जानकारी देना था. तीन दिनों के दौरान विद्यार्थियों ने सॉफ्टवेयर आधारित प्रयोगों के माध्यम से तकनीकी अवधारणाओं को समझा और उन्हें वास्तविक इंजीनियरिंग समस्याओं से जोड़ने का प्रयास किया.

पहले दिन डॉ. चंदन कुमार और निशांत कुमार ने मैटलैब की आधारभूत जानकारी, मूल इंटरफेस और प्रारंभिक उपयोग के बारे में बताया. इसके बाद डॉ. मुकेश कुमार और मो. नसीम अख्तर ने नियंत्रण प्रणाली में मैटलैब के अनुप्रयोगों की व्यावहारिक जानकारी दी.

सिमुलेशन और विश्लेषण का मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया. उन्हें मैटलैब के विभिन्न उपकरणों और तकनीकों के जरिए सिमुलेशन, विश्लेषण तथा इंजीनियरिंग समस्याओं के समाधान में सॉफ्टवेयर के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया. विद्यार्थियों ने विभिन्न सॉफ्टवेयर आधारित गतिविधियों और प्रयोगों में सक्रिय भागीदारी की.

पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य अनुप्रयोगों पर भी प्रशिक्षण

कार्यशाला के आगामी सत्रों में इंजीनियरिंग अनुप्रयोग एवं सिमुलेशन, चित्र एवं वीडियो प्रसंस्करण तथा मैटलैब और सिमुलिंक के साथ पावर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया गया. इन सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को मैटलैब के बहुआयामी उपयोग और आधुनिक इंजीनियरिंग में इसकी उपयोगिता को समझने का अवसर मिला.

प्राचार्य ने व्यावहारिक शिक्षा को बताया जरूरी

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. केशवेंद्र चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय में इंजीनियरिंग शिक्षा को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है. विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी उपकरणों और सॉफ्टवेयर के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि मैटलैब जैसी तकनीक इंजीनियरिंग समस्याओं के विश्लेषण, सिमुलेशन और समाधान की बेहतर समझ विकसित करने में मदद करती है. उन्होंने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए आयोजन टीम और सहयोगी सदस्यों को शुभकामनाएं दीं.

विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता विकसित करने का अवसर

कार्यक्रम समन्वयक श्री सनत ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मैटलैब की व्यावहारिक जानकारी देना और इंजीनियरिंग के विभिन्न क्षेत्रों में इसके उपयोग से परिचित कराना था. उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता विकसित करने और उन्हें भविष्य की इंजीनियरिंग चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.

कार्यशाला के आयोजन और संचालन में महाविद्यालय के शिक्षक, तकनीकी सहायक और अन्य कर्मियों की भूमिका रही. श्री सनत के समन्वय एवं मार्गदर्शन में विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया गया. वहीं निशांत कुमार ने गतिविधियों के समन्वय में सहयोग किया, जबकि सुधीर कुमार ने अकादमिक एवं तकनीकी पक्ष को व्यवस्थित करने में भूमिका निभायी.

यह भी पढ़ें: नेपाल में बांध टूटने के बाद लापता लोगों की तलाश जारी, गंडक से तीन शव बरामद

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Md.maksud alam

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >