Sheohar News: समाहरणालय के संवाद कक्ष में मंगलवार को डीएम प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा बैठक हुई. बैठक में मनरेगा की विभिन्न योजनाओं, लेबर इंगेजमेंट, मस्टर रोल, ई-केवाईसी, मजदूरी भुगतान और वृक्षारोपण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई.
डीएम ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
48 घंटे में सभी योजनाओं में मजदूर लगाने का निर्देश
बैठक में बताया गया कि जिले में वर्तमान में 8445 योजनाएं संचालित हैं. डीएम ने निर्देश दिया कि 48 घंटे के भीतर सभी योजनाओं में 100 प्रतिशत मजदूरों का नियोजन सुनिश्चित किया जाए.
उन्होंने चेतावनी दी कि समय पर लक्ष्य पूरा नहीं होने पर संबंधित पीआरएस और कार्यक्रम पदाधिकारी (पीओ) के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
मस्टर रोल और लेबर इंगेजमेंट पर जताई नाराजगी
डीएम ने कहा कि मस्टर रोल जेनरेट नहीं होने के कारण कई जगहों पर लेबर इंगेजमेंट शून्य है. उन्होंने दो दिनों के भीतर 100 प्रतिशत मस्टर रोल जनरेशन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
समीक्षा में सलेमपुर, हरनाही, मथुरापुर, नया गांव और पश्चिमी सोनबरसा पंचायतों में लेबर इंगेजमेंट की प्रगति बेहद कमजोर पाई गई. इस पर नाराजगी जताते हुए निदेशक (एनईपी) को पंचायतवार प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया.
ई-केवाईसी और एनएमएमएस पर भी सख्ती
डीएम ने सक्रिय मजदूरों का 92 प्रतिशत ई-केवाईसी पूरा करने और मृत मजदूरों की अलग सूची तैयार करने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि जहां भी मनरेगा का कार्य चल रहा है, वहां एनएमएमएस ऐप के माध्यम से प्रतिदिन तीन बार फोटो आधारित उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा.
मजदूरी भुगतान और मानव दिवस सृजन की समीक्षा
बैठक में बताया गया कि डुमरी कटसरी और पुरनहिया प्रखंडों में समय पर मजदूरी भुगतान की स्थिति संतोषजनक है, जबकि पिपराही प्रखंड की प्रगति कमजोर पाई गई. डीएम ने इसमें तत्काल सुधार के निर्देश दिए.
समीक्षा के दौरान एससी-एसटी मानव दिवस सृजन 16.39 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि राज्य का लक्ष्य 30 प्रतिशत है. वहीं महिलाओं का मानव दिवस सृजन 59.98 प्रतिशत रहा, जो राज्य के औसत 59.07 प्रतिशत से बेहतर है.
वृक्षारोपण और अभियंताओं की कार्यशैली की भी समीक्षा
डीएम ने बताया कि प्रत्येक पंचायत में एक वर्ष के दौरान 12 यूनिट वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित है. वर्ष 2026-27 के वृक्षारोपण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने पौधों की उत्तरजीविता और कार्य पूर्णता में सुधार लाने के निर्देश दिए.
बैठक में एरिया ऑफिसर की रिपोर्ट के आधार पर एक कनीय अभियंता की प्रगति असंतोषजनक पाई गई. इस पर डीएम ने संबंधित अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया.
