शिवहर: जिले की तमाम ग्राम पंचायतों में बुनियादी जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने और सार्वजनिक परिसंपत्तियों के वास्तविक स्वरूप को निखारने के उद्देश्य से प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है. समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में शनिवार को ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प’ कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन और चयनित योजनाओं को समय-सीमा के भीतर पूरा कराने को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में डीएम ने सभी प्रखंडों की पंचायतों में बाल विकास, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग से जुड़ी चयनित निर्माण व जीर्णोद्धार योजनाओं की अद्यतन भौतिक प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की.
स्कूल, आंगनबाड़ी और हेल्थ सेंटरों के जीर्णोद्धार की गहन समीक्षा
समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने बाल विकास परियोजना अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों के जीर्णोद्धार एवं नवनिर्माण, स्वास्थ्य विभाग के तहत हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर भवनों के नवीनीकरण तथा शिक्षा विभाग अंतर्गत विद्यालयों के जीर्णोद्धार, चहारदीवारी (बाउंड्री वॉल) निर्माण व नए वर्ग कक्षों के निर्माण से संबंधित योजनाओं का बारीकी से अवलोकन किया. उन्होंने उपस्थित प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं संबंधित विभागीय तकनीकी अधिकारियों से योजनाओं की वर्तमान भौतिक प्रगति और किस योजना मद से कार्य कराया जा रहा है, इसकी विस्तृत जानकारी ली. डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि इन सभी योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखकर समयबद्ध, पारदर्शी और पूरी गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारा जाए. किसी भी स्तर पर अनावश्यक लेटलतीफी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
दीपावली से पूर्व पूरा कराएं रंग-रोगन व बुनियादी मरम्मत
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया कि सार्वजनिक भवनों व परिसंपत्तियों के रंग-रोगन और बुनियादी मरम्मत का कार्य आगामी दीपावली पर्व से पूर्व हर हाल में संपन्न करा लिया जाए. उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिकारी केवल कार्यालयों में बैठकर निगरानी न करें, बल्कि निर्माण स्थलों का नियमित भौतिक निरीक्षण सुनिश्चित करें. डीएम ने तल्ख लहजे में कहा कि कार्य केवल फाइलों और कागजों में पूरा नहीं दिखना चाहिए, बल्कि धरातल पर उसका स्पष्ट, सुंदर और सकारात्मक परिवर्तन नजर आना चाहिए, जिससे आम जनता को बेहतर नागरिक सुविधाओं का सीधा लाभ मिल सके.
कार्य पूर्व और कार्य समाप्ति के बाद फोटोग्राफी अनिवार्य
योजनाओं के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने निर्देश दिया कि कार्य प्रारंभ होने से पहले की स्थिति और कार्य पूर्ण होने के बाद की उच्च गुणवत्ता वाली फोटोग्राफी तथा संपूर्ण दस्तावेजीकरण अनिवार्य रूप से किया जाए. दस्तावेजीकरण में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेह कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
आपसी समन्वय और भौतिक सत्यापन पर जोर
डीएम प्रतिभा रानी ने विभागीय अधिकारियों, प्रखंड प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच आपसी समन्वय स्थापित कर योजनाओं को गति देने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में स्वच्छता, हरियाली, सौंदर्यीकरण और आम जनसुविधाओं को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए. साथ ही पूर्ण हो चुकी योजनाओं का अनिवार्य रूप से भौतिक सत्यापन कराकर उनकी व्यावहारिक उपयोगिता सुनिश्चित की जाए तथा दैनिक प्रगति रिपोर्ट से जिला मुख्यालय को नियमित रूप से अवगत कराया जाए.
