Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा और प्रथम परम्परा सद्गुरु आचार्य धर्मचन्द्रदेवजी महाराज की 56वीं पुण्यतिथि के अवसर पर बुधवार को शिवहर जिला मुख्यालय के जीरोमाइल चौक स्थित लक्ष्मीपुर में श्रद्धा और भक्ति के साथ वैदिक हवन-पूजन एवं सत्संग का आयोजन किया गया. कार्यक्रम उमाशंकर प्रसाद गुप्ता के आवास पर संपन्न हुआ, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए.
वैदिक हवन-यज्ञ से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
सद्गुरु सदाफलदेव विहंगम योग संस्थान, झूंसी (प्रयागराज) के अंतर्गत जिला विहंगम योग संत समाज, शिवहर के सौजन्य से आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक हवन-यज्ञ से हुई. आश्रम से आए विद्यार्थी मदन शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-यज्ञ का संचालन कराया. श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति देकर समाज और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की.
सत्संग में गुरु के संदेशों पर हुआ मंथन
हवन-पूजन के बाद आयोजित सत्संग में गुरु पूर्णिमा के महत्व और आचार्य धर्मचन्द्रदेवजी महाराज के आध्यात्मिक विचारों पर चर्चा की गई. श्रद्धालुओं ने गुरु के बताए सत्य, सेवा और आध्यात्मिक जीवन के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया. पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा.
बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद
इस अवसर पर विहंगम योग संत समाज के परामर्शक योगेन्द्र प्रसाद गुप्ता, संरक्षक रामनरेश सिंह, उप सचिव विनोद कुमार, अनुमंडल संयोजक शैलेश नंदन सिंह, मुख्य कार्यकर्ता श्री भगवानजी, जयरामजी, मोहन फतहपुरी, राजकिशोर प्रसाद, मीरालालजी, बैजू ठाकुर, दिनेश सिंह, महिला संयोजिका अनीता देवी और विजय कुमारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लिया.
गुरु पूर्णिमा पर आध्यात्मिक वातावरण
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने सद्गुरु के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की. वैदिक हवन, सत्संग और गुरु वंदना के माध्यम से पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा. आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं.
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