बचाव के लिए साथी के प्रति रहें वफादार, बनायें सुरक्षित यौन संबंध
शिवहर : स्थानीय सिविल सर्जन कार्यालय में सिविल सर्जन बिसंभर ठाकुर की अध्यक्षता में मुख्यधारा कार्यक्रम के तहत एचआइवी एड्स एवं सामाजिक सुरक्षा पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.
इसमें सिविल सर्जन ने कहा कि एचआइवी एड्स पीड़ित व्यक्ति के प्रति सहानुभूति व प्रेमपूर्ण व्यवहार सामाजिक दायित्व है. इसके प्रति लोगों को जागरूक करने की जरूरत है. उन्होंने स्वास्थ्य कर्मी से सामाजिक जागरूकता पैदा करने व समाज के व्यवहार परिवर्तन की दिशा में पहल करने की अपील की. कहा कि साथी एक दूसरे के प्रति वफादार रहकर एड्स के खतरों से सुरक्षित रह सकते हैं. कहा कि ह्यूमन ईम्यूनो डेफिसिएंसी वायरस नंगी आंखों से न दिख सकने वाला एक सूक्ष्म विषाणु है. एड्स वह बीमारी है जो एचआइवी से संक्रमित व्यक्ति में बाद में विकसित होती है.
एचआइवी से संक्रमित व्यक्ति के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता समाप्त हो जाती है. शरीर में लाखों श्वेत रक्तकण होते हैं. जो किटानुओं पर आक्रमण करके संक्रमण को मार भगाते हैं. किंतु एचआइवी सफेद रक्तकणों को नष्ट कर देता है. कुछ समय बाद शरीर में किटानुओं को नष्ट करने के लिए शरीर में पर्याप्त सफेद रक्तकणों की संख्या शेष नहीं रह जाती है. उसके बाद एड्स के लक्षण प्रकट होने लगते हैं.
मौके पर बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अखिलेश कुमार सिंह ने एचआइवी संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध, दूषित रक्त या रक्त उत्पादों के माध्यम, दूषित सीरिंज व सूई, नशीली दवाओं के सेवन से भी व्यक्ति एचआइवी संक्रमित हो सकता है. उन्होंने एचआइवी संक्रमण के लक्षण व बचाव के बारे में भी जानकारी दी.
मौके पर डीपीएम पंकज कुमार व एसइएमओ मीना शर्मा व जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ केएन प्रसाद ने कहा कि छूने से, चुंबन से या गले लगाने से, भोजन की भागीदारी से, साथ साथ सोने से, कीड़े, मकोड़ो या मच्छरों के काटने से, एक दूसरे के कपड़े पहनने से एचआइवी का संक्रमण नहीं होता है. कहा कि सुरक्षित यौन संबंध बनाने व साथी का एक दूसरे के प्रति वफादार रहने से एड्स नहीं होता है.इस दौरान डीएस डॉ मेहंदी हसन ने भी एचआइवी संक्रमण के बारे में आवश्यक जानकारी दी. वही एड्स पीड़ित के प्रति सामाजिक दायित्व को रेखांकित किया.
