उधर बेकार पड़ा डीडीटी इधर काट रहे मच्छर

बोखड़ाः स्थानीय पीएचसी के एक कमरे में कई बोरा डीडीटी रखा हुआ है. मच्छरों के प्रकोप से लोगों को बचाने के लिए सरकार छिड़काव कराने को डीडीटी पाउडर भेजी थी, पर लापरवाही हो या कोई अन्य कारण डीडीटी का उपयोग नहीं किया गया. वह गुणवत्ता विहीन हो गया है. बताया गया है कि वर्ष 12-13 […]

बोखड़ाः स्थानीय पीएचसी के एक कमरे में कई बोरा डीडीटी रखा हुआ है. मच्छरों के प्रकोप से लोगों को बचाने के लिए सरकार छिड़काव कराने को डीडीटी पाउडर भेजी थी, पर लापरवाही हो या कोई अन्य कारण डीडीटी का उपयोग नहीं किया गया.

वह गुणवत्ता विहीन हो गया है. बताया गया है कि वर्ष 12-13 में उक्त डीडीटी आया था. इस बाबत पूछे जाने पर कोई भी यह बताने को तैयार नहीं है कि किसकी लापरवाही के चलते डीडीटी का छिड़काव नहीं हुआ और यहां पड़ा-पड़ा बेकार हो रहा है. स्वास्थ्य प्रबंधक अनिल कुमार कहते हैं कि इस संबंध में उन्हें कोई खबर नहीं है. जब डीडीटी आया था, उस समय प्रभारी डॉ राजीव रत्न थे. बताया कि शीघ्र ही छिड़काव कराया जायेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >