बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की बुनियाद है स्तनपान : सिविल सर्जन

एक से सात अगस्त तक है विश्व स्तनपान सप्ताह शिशु मृत्यु की दर में 20 प्रतिशत कमी लाता है स्तनपान डायरिया, निमोनिया व कुपोषणसे बचाता है मां का दूध शिवहर : सिविल सर्जन धनेश कुमार सिंह ने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण मानसिक एवं शारीरिक विकास में स्तनपान की भूमिका अहम होती है. शिशु के […]

एक से सात अगस्त तक है विश्व स्तनपान सप्ताह

शिशु मृत्यु की दर में 20 प्रतिशत कमी लाता है स्तनपान डायरिया, निमोनिया व कुपोषणसे बचाता है मां का दूध
शिवहर : सिविल सर्जन धनेश कुमार सिंह ने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण मानसिक एवं शारीरिक विकास में स्तनपान की भूमिका अहम होती है.
शिशु के लिए मां का दूध सर्वोत्तम आहार के साथ ही उसका मौलिक अधिकार भी है. स्तनपान को प्रोत्साहित करने के लिए जिले में एक से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाएगा. ‘बेहतर आज और कल के लिए- माता-पिता को जागरूक करें, स्तनपान को बढ़ावा दें’ इसको इस बार के विश्व स्तनपान दिवस की थीम बनायी गयी है.जिले में जागरूकता के लिए एक सेमिनार का आयोजन किया जाएगा. जिसमें स्तनपान के बारे में जानकारी दी जाएगी.
स्तन कैंसर से होनेवाली मौत में कमी लाता है स्तनपान : सिविल सर्जन ने बताया कि मां का दूध जहां शिशु को शारीरिक व मानसिक विकास प्रदान करता है. वहीं उसे डायरिया, निमोनिया और कूपोषण जैसी जानलेवा बिमारियों से बचाता भी है. जन्म के एक घंटे के भीतर नवजात को स्तनपान शुरू कराने से शिशु मृत्यु दर में 20 प्रतिशत तक की कमी लायी जा सकती है.
छह माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराने से दस्त और निमोनिया के खतरे में क्रमशः 11 प्रतिशत और 15 प्रतिशत कमी लायी जा सकती है. लैंसेट की 2015 की रिपोर्ट से स्पष्ट होता है की अधिक समय तक स्तनपान करने वाले बच्चों की बुद्धि उन बच्चों की अपेक्षा तीन प्वाइंट अधिक होती है, जिन्हें मां का दूध थोड़े समय के लिए मिलता है. इसके अलावा स्तनपान स्तन कैंसर से होने वाली मौत को भी कम करता है.
शिशु एवं बाल मृत्युदर में कमी के लिए आवश्यक है : जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान प्रारंभ किया जाए. छह माह तक केवल स्तनपान कराया जाए (ऊपर से पानी भी नहीं) शिशु के छह माह पूर्ण होने के तुरंत बाद अनुपूरक आहार देना शुरू किया जाए एवं कम से कम शिशु के दो वर्ष तक स्तनपान जारी रखा जाए.
स्तनपान के विषय में आम जागरूकता है अहम सिविल सर्जन ने बताया बच्चों के सम्पूर्ण विकास के लिए स्तनपान बहुत जरूरी होता है. इस पर सामुदायिक जागरूकता के लिए जिले में एक से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाएगा.
इस दौरान स्वास्थ्य केन्द्रों पर स्तनपान के लिए सामुदायिक जागरूकता के लिए गतिविधियां चलायी जाएगी. साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों की स्तनपान पर क्षमता वर्धन एवं स्तनपान नीति को स्थापित करने वाले चिह्नित स्वास्थ्य केंद्रों को सम्मानित करने के साथ स्वास्थ्य केन्द्रों पर स्तनपान का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >