Teacher Transfer 2026 : बिहार सरकार की शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 को लेकर शिक्षकों के बीच चल रही चर्चाओं और भ्रम की स्थिति के बीच बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ, चेनारी इकाई ने महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति जारी की है. संघ ने स्पष्ट किया है कि सरकार की नियमावली के अनुसार समायोजन/समानीकरण (सरप्लस) की प्रक्रिया पूरी तरह ऐच्छिक (वॉलंटरी) है और इसमें आवेदन करना शिक्षकों के लिए अनिवार्य नहीं है.
Rohtas News : आवेदन नहीं करने पर कार्रवाई का कोई प्रावधान नहीं
प्रखंड अध्यक्ष धनंजय कुमार पटेल ने कहा कि सरकार द्वारा जारी प्रेस नोट में कहीं भी यह उल्लेख नहीं किया गया है कि समायोजन के लिए आवेदन नहीं करने वाले शिक्षकों के खिलाफ किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने शिक्षकों से किसी भी अफवाह, भ्रामक सूचना या अनावश्यक दबाव में आकर निर्णय नहीं लेने की अपील की.
पहले नियमावली पढ़ें, फिर लें फैसला
संघ ने कहा कि प्रत्येक शिक्षक को विभाग द्वारा जारी आधिकारिक नियमावली और दिशा-निर्देशों का गंभीरता से अध्ययन करना चाहिए. इसके बाद ही स्थानांतरण या समायोजन से जुड़ा कोई निर्णय लेना उचित होगा. जल्दबाजी या अपुष्ट सूचनाओं के आधार पर निर्णय लेने से बचने की सलाह दी गई है.
सोशल मीडिया की अफवाहों से रहें सतर्क
धनंजय कुमार पटेल ने कहा कि वर्तमान में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से कई तरह की भ्रामक जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं, जिससे शिक्षकों में असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है. ऐसे समय में सभी शिक्षकों को संयम बनाए रखते हुए केवल विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों और प्रेस नोट पर ही भरोसा करना चाहिए.
अधिकारों के हनन पर संघ करेगा कानूनी लड़ाई
संघ ने भरोसा दिलाया कि यदि किसी भी स्तर पर शिक्षकों के अधिकारों का हनन होता है या नियमों के विरुद्ध कोई कार्रवाई की जाती है तो बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ पूरी मजबूती से शिक्षकों के साथ खड़ा रहेगा. आवश्यकता पड़ने पर संगठन वैधानिक और कानूनी कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेगा.
