निमोनिया और मधुमेह से बचाव के लिए उपचार व जागरूकता जरूरी

निमोनिया दिवस पर स्वास्थ्य विभाग ने चलाया जागरूकता अभियान

प्रतिनिधि, सासाराम सदर शहर के सदर अस्पताल परिसर में निमोनिया दिवस पर गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया है. इसमें महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने अस्पताल में आने-वाले आमजनों को बीमारी के प्रति जागरुक किया गया. अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार ने बताया कि यह कार्यक्रम हर वर्ष 12 नवंबर को मनाया जाता है. 14 नवंबर को मधुमेह दिवस पर भी कार्यक्रम आयोजित किया जाता है. निमोनिया और मधुमेह बीमारी के बीच एक जुड़ाव है. निमोनिया और मधुमेह दोनों ही स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है. खासकर मधुमेह वाले लोगों को निमोनिया का अधिक खतरा होता है. क्योंकि, उच्च रक्त शर्करा प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है. इन दिनों से संबंधित समाचारों के माध्यम से भी निमोनिया से बचाव, मधुमेह प्रबंधन और दोनों बीमारियों से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाता है. विश्व निमोनिया दिवस का उद्देश्य निमोनिया जैसे गंभीर श्वसन रोगों के बारे में जागरूकता बढ़ाना होता है. रोकथाम और शीघ्र उपचार से कई जानें बचायी जा सकती है. शुक्रवार को इंसुलिन की खोज के उपलक्ष्य में मधुमेह दिवस मनाया जायेगा. इसमें लोगों को बीमारी से बचाव संबंधित जानकारियां दी जायेगी. सिविल सर्जन डॉ मणिराज रंजन ने बताया कि मधुमेह से पीड़ित लोगों में निमोनिया होने का खतरा बढ़ जाता है, खासकर कोविड-19 जैसी बीमारियों में भी गंभीर निमोनिया होने की संभावना अधिक होती है.

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By Anurag sharan

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