गणित में डेहरी की नरगिस, शमा और विज्ञान में नव्या व अंशिका रहीं अव्वल

जिलास्तरीय गणित-विज्ञान पीबीएल प्रदर्शनी मेला संपन्न

सासाराम ऑफिस. कक्षा छह से आठ के छात्रों के लिए गणित व विज्ञान विषय में परियोजना आधारित अधिगम (पीबीएल) पर आधारित जिलास्तरीय प्रदर्शनी मेला गुरुवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया. जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सासाराम के अकादमिक भवन में आयोजित इस प्रदर्शनी में जिले के 14 प्रखंडों के विभिन्न स्कूलों से गणित और विज्ञान के एक-एक मॉडल प्रस्तुत किये गये. पीबीएल हस्तपुस्तिका में वर्णित परियोजनाओं के आधार पर चयनित स्कूलों के शिक्षक और छात्र-छात्राएं इस मेले में शामिल हुए. हालांकि जिले के पांच प्रखंडों काराकाट, राजपुर, संझौली, दावथ व नासरीगंज की प्रदर्शनी इस आयोजन में शामिल नहीं हो सकी. कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना निशांत गुंजन और डायट के प्राचार्य नीरज कुमार मौर्य ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया. इस दौरान अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और छात्रों द्वारा तैयार किये गये मॉडलों की सराहना की. उन्होंने कहा कि पीबीएल के माध्यम से छात्रों में तार्किक सोच, रचनात्मकता और व्यवहारिक ज्ञान का विकास होता है. कार्यक्रम के समन्वयक डायट के व्याख्याता डॉक्टर अमरनाथ सिंह, प्रोफेसर डॉक्टर इन्द्रजीत सिंह और लेक्चरर मणिराज पांडेय रहे, जबकि संचालन पीबीएल जिला तकनीकी टीम की गजाला फातिमा ने किया. मौके पर पीबीएल तकनीकी टीम के अनुराग मिश्रा, हिमांशु कुमार, सरोज कुमार, मनोहर और अख्तर समेत कई शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. इन्होंने मारी बाजी गणित विषय में प्रथम स्थान डेहरी प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय इस्लामिया की छात्राओं नरगिस परवीन और शमा फिरदोस को मिला. इनके प्रोजेक्ट विद्यालय में झंडोत्तोलन की अवधारणा अनुपात व समानुपात पर आधारित थी. द्वितीय स्थान कोचस प्रखंड के मध्य स्कूल परसियां की आंचल कुमारी व मानवी कुमारी को मिला, जिनका प्रोजेक्ट हॉकी क्लब आंकड़ों के प्रबंधन पर आधारित था. तृतीय स्थान करगहर प्रखंड के मध्य स्कूल महुली की शिवानी कुमारी और अर्चना कुमारी को मिला, जिन्होंने मेले का आयोजन परियोजना के माध्यम से समिति की अवधारणा को दर्शाया. विज्ञान विषय में प्रथम स्थान कोचस प्रखंड के मध्य स्कूल कपसियां की नव्या कुमारी और अंशिका कुमारी ने प्राप्त किया. इनके विद्युत लेपन प्रोजेक्ट की अवधारणा विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव पर आधारित थी. द्वितीय स्थान डेहरी प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय जक्कीबिगहा की जुगनू खातून और अहाना खातुन को मिला, जिनका प्रोजेक्ट गति आधारित उदाहरण पर केंद्रित था. तृतीय स्थान अकोढ़ीगोला प्रखंड के मध्य स्कूल बराढ़ी के यशराज और आकाश को मिला, जिन्होंने संसाधन संरक्षण परियोजना के माध्यम से संसाधनों के बचाव की अवधारणा प्रस्तुत की. चयनित प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई.

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By PANCHDEV KUMAR

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