sasaram News : भाई के दीर्घायु के लिए बहनों ने की कामना

उल्लास और उत्साह के साथ जिले में मना भैया-दूज का त्योहार

सासाराम ग्रामीण. जिले में भाई-बहन के स्नेह और आत्मीयता का प्रतीक भैया-दूज का त्योहार गुरुवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. गांव से लेकर शहर तक बहनों ने अपने भाइयों के दीर्घायु और सुखी जीवन की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की. घर-घर में इस अवसर पर उल्लास और उत्साह का वातावरण दिखाई दिया. सुबह से ही महिलाओं ने इस दिन की विशेष रस्म गोधन कूटना का निर्वहन किया. पारंपरिक रूप से बहनों ने गाय के गोबर से गोधन का विग्रह बनाया और मंगल गीत गाते हुए लकड़ी के मूसल व लाठी से उसे कूटा. मान्यता है कि इस रस्म से भाई के जीवन में सुख-समृद्धि आती है और उनके आयु में वृद्धि होती है. परंपरा के अनुसार, बहनों ने पहले रेंगनी का कांटा जीभ में लगाकर अपने भाई को प्रतीकात्मक रूप से श्राप दिया, फिर गोधन कूटने के बाद वही कांटा लगाकर श्राप को वापस लिया और भाई के लंबी उम्र की कामना की. इस रस्म को बहन-भाई के अटूट संबंध का प्रतीक माना जाता है. भैया-दूज के साथ शुरू होते हैं शुभ कार्य गोधन कूटने की रस्म पूरी होने के साथ ही मांगलिक कार्यों की शुरुआत का संकेत भी माना जाता है. गांवों में कहा जाता है कि भाइया-दूज के बाद शादी-विवाह और अन्य शुभ अवसरों की तैयारी प्रारंभ हो जाती हैं. इस दिन भाइयों ने बहनों के घर जाकर तिलक लगवाया. बजरी खाई और भोजन का प्रसाद ग्रहण किया. परंपरा है कि बहन के घर भोजन करने से घर में अन्न-धन की वृद्धि होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है. भाइया-दूज के मौके पर पूरे जिले में भाई-बहन के स्नेह का अद्भुत दृश्य देखने को मिला. शहर से लेकर गांव तक पूजा, गीत और हंसी-खुशी के साथ यह पर्व पारंपरिक श्रद्धा के भाव में डूबा रहा.

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By PANCHDEV KUMAR

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