एमडीएम की गुणवत्ता मिली खराब, बच्चों ने की शिकायत

SASARAM NEWS.बीइओ अरविंद कुमार ने उत्क्रमित मध्य विधालय पडुरी का निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में स्कूल में भारी पैमाने पर कमियां पायी गयी.

उत्क्रमित मध्य विद्यालय पडुरी का बीइओ ने किय निरीक्षण, मिली कई कमियां

प्रतिनिधि, नासरीगंज

बीइओ अरविंद कुमार ने

उत्क्रमित मध्य विधालय पडुरी का निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में स्कूल में भारी पैमाने पर कमियां पायी गयी. बीइओ ने बारी बारी से सभी वर्ग कक्ष का निरीक्षण कर छात्रों से स्कूल की स्थिति को जाना. निरीक्षण के दौरान स्कूल के छात्र छात्राओं ने बीइओ से स्कूल की जमकर शिकायत की. बताया कि हमलोगों को लगभग दो साल से एमडीएम में अंडा नहीं मिल रहा हैं. एमडीएम में जो फल भी मिलता हैं, वो सड़ा हुआ रहता है जो खाने योग्य नहीं रहता. बच्चे जब कम होते हैं, तब ही हमलोग को फल मिलता है. जब बच्चों की संख्या ज्यादा हो जाती है, तो फल नहीं मिलता हैं. हमलोग बिना दरी के नीचे फर्श पर बैठकर खाना खाते है. स्कूल की साफ-सफाई सभी छात्र मिलकर बारी बारी से करते हैं. स्कूल की शौचालय पूरी तरह गंदगी से भरा है. जिसके कारण हमलोग शौचालय नहीं जाते हैं. स्कूल का जो शौचालय साफ सुथरा है, उसमें प्रधानाध्यापक ताला बंद कर के रखते हैं जब उसकी चाभी मांगते हैं, तो डांटकर भगा देते हैं. सरकारी शौचालय को प्राइवेट शौचालय बनाकर रखे हुए हैं. बच्चों को शौचालय जाने में बहुत परेशानी होती ह. हमलोग अपने से बर्तन धोकर खाना स्वयं लेकर जहां तहां बैठकर खाते हैं. चपाकाल के पास भी गंदगी का अंबार लगा है. चपाकल के पास कीड़े मकोड़े रहते हैं, जिससे बीमारी फैलने का हमेशा डर बना रहता है. चपाकल के समीप शौचालय के टंकी का स्लैप टूटा हुआ है, जिसके कारण कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है. हमलोग को मेन्यू के हिसाब से दाल नही मिलता हैं. सिर्फ सब्जी और चावल मिलता है.

प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई के लिए डीइओ को पत्र भी लिखा है: बीइओ

छात्रों की शिकायत सुनने के बाद बीइओ अरविंद कुमार ने बताया कि स्कूल में गंदगी का अंबार लगा है. स्कूल के प्रधानाध्यापक सरकारी राशि का दुरुपयोग करते हुए स्कूल को व्यवसाय का केंद्र बनाए हुए हैं. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव का सख्त आदेश हैं कि बच्चों को दरी पर बैठकर खाना खिलाना हैं. जबकि प्रधानाध्यापक के बच्चों को दरी पर बैठकर खाना नहीं खिलाते हैं. बीइओ ने बताया कि एमडीएम में कोई गुणवत्ता दिखाई नहीं दी. इसके कारण आने वाले समय में बच्चे कुपोषण का शिकार हो सकते हैं. स्कूल के वर्ग एक से आठ तक के कक्ष में गंदगी का अंबार लगा है.कार्यालय में भी साफ सफाई पूरी तरह नगण्य है. चापाकल,शौचालय पूरी तरह गंदगी से भरा हुआ है. जिलाशिक्षा पदाधिकारी के पास जांच रिपोर्ट भेज समस्या से अवगत कराया जा चुका है. प्रधानाध्यापक के ऊपर कार्रवाई के लिए डीइओ को पत्र भी लिखा गया है.

आरोप पूरी तरह निराधार और गलत है: प्रधानाध्यापक

इस संबंध में प्रधानाध्यापक अशोक कुमार ने बताया कि मेरे ऊपर जो भी आरोप लगाया गया है, वो पूरी तरह निराधार और गलत है. बच्चे किसी के बहकावे में शिकायत की है. शौचालय बनाने वाला वेंडर अधूरा काम कर के भाग गया है, जिसकी शिकायत बीआरसी में आवेदन लिखकर बहुत पहले ही की गयी है. लेकिन, अबतक उसपर कोई अमल नहीं किया गया है. स्कूल में निरंतर सफाई की जाती है. मैं स्पष्टीकरण देने के लिए तैयार हूं. मेन्यू अनुसार बच्चों को एमडीएम खिलाया जाता है. मुझे सोची समझी साजिश के तहत बदनाम किया जा रहा हैं.

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Published by: Anurag sharan

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