.सिरिंज व निडिल के इंतजार में रुका है पशुओं के एफएमडी का टीकाकरण

13 फरवरी से अभियान शुरू किया जाना था, पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन भी उपलब्ध, रोहतास जिले के 6.40 लाख पशुओं को लगना है एफएमडी का टीका

सासाराम सदर. मवेशियों में होने वाली गंभीर वायरल बीमारी एफएमडी (फुट एंड माउथ डिजीज) से बचाव के लिए पशुपालन विभाग द्वारा चलाया जाने वाला टीकाकरण अभियान जिले में सिरिंज और निडिल के अभाव में अटका हुआ है. जबकि वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दी गयी है. विभागीय जानकारी के अनुसार, जिले के 6 लाख 40 हजार पशुओं को एफएमडी वैक्सीन दी जानी है. प्रत्येक वर्ष पंचायत स्तर पर पशुपालकों के घर-घर जाकर विभिन्न संक्रामक रोगों से बचाव के लिए टीकाकरण किया जाता है. लेकिन इस बार आवश्यक उपकरण नहीं होने से अभियान की शुरुआत नहीं हो सकी है. जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ अविनाश चंद्र प्रभाकर ने बताया कि 13 फरवरी से अभियान शुरू किया जाना था. पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है, पर निडिल और सिरिंज नहीं होने के कारण टीकाकरण प्रारंभ नहीं हो पाया है. विभाग से सिरिंज की मांग की गयी है. उपलब्ध होते ही अभियान शुरू कर दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि टीकाकरण के लिए सरकारी कंपाउंडर के अलावा करीब दो सौ निजी टीकाकर्मियों का चयन किया गया है. नोडल पदाधिकारियों को जनजागरूकता और प्रचार-प्रसार के निर्देश दिये गये हैं. इसके बाद लम्पी वायरस और ब्रुसेलोसिस के खिलाफ भी अभियान चलाया जायेगा. क्या है एफएमडी रोग एफएमडी खुर वाले पशुओं में होने वाला एक गंभीर वायरस जनित संक्रामक रोग है. यह संपर्क, दूषित पानी, चारा, हवा और पशु उत्पादों के माध्यम से फैल सकता है. इस रोग में पशु के मुंह, जीभ, होंठ और खुरों के बीच छाले व घाव हो जाते हैं. साथ ही बुखार और लंगड़ापन की शिकायत होती है, जिससे दूध उत्पादन प्रभावित होता है. ऐसे में पशुओं को अलग रखकर उपचार के साथ समय पर टीकाकरण कराना आवश्यक है.

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Author: PANCHDEV KUMAR

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