Rohtas News : रोहतास जिले के नोखा प्रखंड स्थित सिसिरित गांव के श्री अनुग्रह नारायण उच्च विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को आज भी स्कूल पहुंचने के लिए खेत और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है. बरसात के मौसम में यह रास्ता और भी खतरनाक हो जाता है. दूसरी ओर, नया विद्यालय भवन पूरी तरह तैयार होने के बावजूद विभागीय हैंडओवर नहीं होने से 412 बच्चों की पढ़ाई पुराने भवन के सिर्फ चार कमरों में चल रही है.
कीचड़ और पानी से होकर स्कूल पहुंच रहे बच्चे
विद्यालय तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में रास्ता पूरी तरह कीचड़ और पानी से भर जाता है. छात्र-छात्राएं हाथ में चप्पल और जूते लेकर किसी तरह विद्यालय पहुंचते हैं. छोटे बच्चे अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं, जबकि शिक्षक भी जोखिम उठाकर स्कूल आने को मजबूर हैं. मंगलवार को खराब रास्ते के कारण 412 नामांकित बच्चों में से केवल 167 छात्र-छात्राएं ही विद्यालय पहुंच सके.
हर साल बरसात में दोहराई जाती है यही परेशानी
ग्रामीण रामजी, जय कुमार, वीरेंद्र कुमार और मनोज कुमार ने बताया कि बरसात के मौसम में हर वर्ष यही स्थिति बनती है. खराब सड़क के कारण बच्चों की नियमित उपस्थिति प्रभावित होती है और पढ़ाई पर सीधा असर पड़ता है. ग्रामीणों ने वर्षों से विद्यालय तक पक्की सड़क निर्माण की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई.
नया भवन तैयार, फिर भी चार कमरों में चल रही पढ़ाई
विद्यालय का नया भवन पूरी तरह बनकर तैयार है, लेकिन विभागीय हैंडओवर नहीं होने के कारण उसमें अब तक कक्षाएं शुरू नहीं हो सकी हैं. मजबूरी में 412 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पुराने भवन के केवल चार कमरों में कराई जा रही है. कमरों की कमी के कारण कई कक्षाओं को एक साथ संचालित करना पड़ रहा है, जिससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है.
डीईओ बोले- समाधान के लिए होगा समन्वय
जिला शिक्षा पदाधिकारी मदन राय ने बताया कि विद्यालय तक पहुंचने में हो रही कठिनाइयों की जानकारी विभाग को है. उन्होंने कहा कि कुछ दूरी तक मिट्टीकरण कराया गया था, लेकिन आगे का हिस्सा निजी जमीन से जुड़ा होने के कारण सड़क निर्माण लंबित है. संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा.
प्रधानाध्यापक ने सड़क और भवन हैंडओवर की उठाई मांग
प्रभारी प्रधानाध्यापक सरोज कुमार ने कहा कि सड़क नहीं होने के कारण हर वर्ष बरसात में बच्चों और शिक्षकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है. उन्होंने विद्यालय तक पक्की सड़क के निर्माण और तैयार नए भवन का शीघ्र विभागीय हस्तांतरण कराने की मांग की, ताकि सभी कक्षाओं का संचालन नए भवन में शुरू हो सके और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके.
