छात्र-छात्राओं को तैयारी में बढ़ी मुश्किलें स्कूल में इंफ्रास्ट्रक्चर, समय की पाबंदी व साफ-सफाई से संतुष्ट हैं छात्र और अभिभावक प्रभात खबर की टीम ने विद्यालय की पड़ताल की, तो सामने आयी हकीकत फोटो-2- शिवसागर लाइब्रेरी में पढ़ते छात्र-छात्राएं. ए- श्रेया कुमारी़ बी- अंकुर कुमारी़ सी- राधा रानी़ डी- नीतू कुमारी़ इ- क्लास में शामिल छात्रा़ सुजीत कुमार, प्रतिनिधि, शिवसागर हमारे स्कूल में संस्कृत के शिक्षक नहीं हैं. जीव विज्ञान और रसायन शास्त्र के भी शिक्षक नहीं हैं. हमलोग हमेशा टीचर बुलाने की मांग करते हैं. हमारा कोर्स कैसे पूरा होगा, पता नहीं. हम इन तीनों विषयों में फेल हो सकते हैं. कोचिंग का सहारा ले रहे हैं. लेकिन, पैसा अधिक खर्च हो रहा है. यह बात सोमवार को शिवसागर स्थित श्रीदुर्गा प्लस टू उच्च विद्यालय के छात्रों ने प्रभात खबर की टीम से कहीं. हालंकि, स्कूल में समय की पाबंदी, इन्फ्रास्ट्रक्चर और सफाई पर छात्रों ने संतोष जताया. बताया गया कि वर्ग नौ से 12वीं तक में 1322 छात्र-छात्राएं हैं. सोमवार की सुबह सुबह 8:54 बजे ही स्कूल का गेट खुला़ परिचारी मोहम्मद नियाजुद्दीन फारूकी सफाई करते हुए बताया कि हम अपने कर्तव्य का पालन समय से करते हैं. दो मिनट बाद ही 8:56 पर शिक्षक डॉ अरविंद चौधरी पहुंचे व ऑनलाइन हाजिरी बनायी. ये इतिहास के शिक्षक हैं. इसके तत्काल बाद अन्य शिक्षकों का आगमन शुरू हुआ. स्कूल पहुंचे राजनीति विज्ञान के शिक्षक हृषिकेश कुमार, इतिहास के शिक्षक रंजीत कुमार सिन्हा 9:50 बजे प्रार्थना में शामिल हुए. कक्षाओं में उपस्थिति ली जाने लगी. स्कूल में 32 शिक्षक कार्यरत कंप्यूटर की शिक्षा पर छात्रों ने संतोष जताया. पुस्तकालय में सिविल सर्विसेज से लेकर आइआइटी, जीआइटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित पुस्तकें हैं. कुल 14 शौचालय हैं. पेयजल की व्यवस्था भी है. सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगें हैं. 11वीं और 12वीं के लिए कुल 18 और 9वीं और 10वीं कक्षा के लिए 14 यानी स्कूल में कुल 32 शिक्षक कार्यरत हैं. इसके अतिरिक्त एक आदेशपाल और एक क्लर्क भी हैं. कक्षा नौवीं में 166 छात्राएं और 143 छात्र, 10वीं में 141 छात्रा व 142 छात्र, 11वीं में 186 छात्राएं और 179 छात्र, कक्षा 12वीं में 191 छात्राएं और 174 छात्र नामांकित हैं. तीन विषयों के शिक्षकों के लिए किया गया है पत्राचार शिक्षकों की कमी को लेकर शिक्षा विभाग से पत्राचार किया गया है. कुछ विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गयी है. शेष की नियुक्ति जल्द होने की उम्मीद है. 10वीं व 12वीं के छात्रों के लिए स्कूल में विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है. -अमृता धीर, प्रभारी प्राचार्या अभिभावक नहीं है जागरूक स्कूल की प्राचार्या की मानें, तो प्रति सप्ताह स्कूल में अभिभावकों की बैठक आयोजित की जाती है. लेकिन, बैठक में अधिकांश अभिभावक सक्रिय रूप से भाग नहीं लेते. वर्तमान में मैट्रिक और इंटर परीक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष कक्षाएं संचालित की जा रही हैं. अभिभावकों को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए. ताकि, उनके बच्चे लाभान्वित हो सके. उन्होंने अभिभावकों से निजी कोचिंग पर निर्भर रहने के बजाय स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था पर भरोसा करने की अपील की. क्या कहती हैं छात्रा कक्षा 11वीं में जीव विज्ञान विषय का शिक्षक नहीं रहने से हमारी पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है. यह विषय आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बहुत जरूरी है, लेकिन शिक्षक के अभाव में सिलेबस अधूरा रह गया है, जिससे हम लोग काफी चिंतित हैं. – श्रेया कुमारी हम कक्षा 11वीं की छात्रा हैं. रसायन शास्त्र विषय का शिक्षक विद्यालय में नहीं रहने से नियमित पढ़ाई नहीं हो पा रही है. परीक्षा नजदीक है, लेकिन विषय की बुनियादी समझ भी नहीं बन पायी है, जिससे आगे की पढ़ाई को लेकर परेशानी बढ़ रही है. – अंकुर कुमारी मैं कक्षा नौंवीं की छात्रा हूं. संस्कृत विषय की पढ़ाई लगभग शून्य है. अगर ऐसे ही मैट्रिक में चले गये, तो उत्तर लिखना भी मुश्किल हो जायेगा. शिक्षक नहीं रहने से पढ़ाई भगवान भरोसे चल रही है और पास होने को लेकर डर बना हुआ है. – राधा रानी कक्षा नौंवीं की छात्रा हूं. संस्कृत विषय में शिक्षक नहीं रहने के कारण पूरे साल पढ़ाई नहीं हो सकी. अब कक्षा 10वीं में जाने वाली हैं, लेकिन विषय की समझ नहीं बन पायी है. अगर जल्द शिक्षक नहीं आये, तो आगे पढ़ाई करना बहुत कठिन हो जायेगा. – नीतू कुमारी
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