Rohtas News : सासाराम के शांति प्रसाद जैन कॉलेज में प्रस्तावित बिहार सरकार उच्च शिक्षा अधिनियम के विरोध में शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन शनिवार को चौथे दिन भी जारी रहा. फुटाब-फुस्टाब के आह्वान पर शिक्षकों और कर्मियों ने अपने नियमित कार्यों का निष्पादन करते हुए काला बिल्ला लगाया और प्रस्तावित अधिनियम के प्रति विरोध दर्ज कराया.
काला बिल्ला लगाकर दर्ज कराया विरोध
शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने कहा कि प्रस्तावित उच्च शिक्षा अधिनियम के कई प्रावधानों को लेकर उनमें असंतोष और चिंता है. इसी के विरोध में चरणबद्ध तरीके से शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जा रहा है. काला बिल्ला लगाकर कर्मियों ने अपनी मांगों और आपत्तियों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया.
कॉलेज के कामकाज पर नहीं पड़ा असर
विरोध प्रदर्शन के बावजूद कॉलेज के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कार्य सामान्य रूप से जारी रहे. शिक्षक एवं कर्मियों ने अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया. उनका कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य शैक्षणिक व्यवस्था को प्रभावित करना नहीं, बल्कि प्रस्तावित कानून को लेकर अपनी चिंताओं से सरकार को अवगत कराना है.
सरकार से गंभीरता से विचार करने की मांग
शिक्षकों ने कहा कि प्रस्तावित अधिनियम को लेकर उनकी चिंताओं और आपत्तियों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखना उनका अधिकार है. संगठन के निर्देश के अनुसार आगे भी चरणबद्ध कार्यक्रम जारी रखने की बात कही गयी.
बड़ी संख्या में शिक्षक-कर्मी हुए शामिल
विरोध प्रदर्शन में डॉ. राजेश कुमार सिन्हा, डॉ. रौशन कुमार, डॉ. स्वदेश कुमार, डॉ. अतिबला सिंह, डॉ. जयप्रकाश, डॉ. श्याम राज यादव, उमेश कुमार, अरविंद कुमार, अविनाश कुमार, नीरज कुमार, डॉ. शिवकुमार रविदास, डॉ. सुजीत कुमार, डॉ. हरिओम नागर, डॉ. संजय कुमार, डॉ. कुमारी आभा, डॉ. शोभा कुमारी (पटना), डॉ. शोभा कुमारी (आरा), डॉ. उज्ज्वल कांति घोषाल, डॉ. सतीश कुमार, ओम प्रकाश, वसी अहमद, डॉ. अनुज कुमार, डॉ. गौरव कुमार, डॉ. अशोक कुमार, राकेश कुमार चौहान, डॉ. अमित कुमार, दीपक कुमार, मनोज कुमार, रोहित रंजन और विष्णु सहित कॉलेज के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी शामिल रहे.
