सासाराम नगर (अनुराग शरण). जिले भर में आयोजित सहयोग शिविरों के जरिये जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान करने की कोशिश की गयी. लेकिन सासाराम प्रखंड के करूप पंचायत स्थित सरकार भवन में आयोजित शिविर में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया. सदर एसडीएम डॉ नेहा कुमारी के समक्ष एक व्यक्ति ने अंचल कार्यालय के कर्मियों पर दाखिल-खारिज के बदले 20,000 रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी. शिविर में पहुंचे पीड़ित व्यक्ति ने एसडीएम को बताया कि उसने जमीन के दाखिल-खारिज के लिए अब तक तीन बार आवेदन किया, लेकिन हर बार किसी न किसी बहाने उसे रिजेक्ट कर दिया गया. पीड़ित ने आरोप लगाया कि उससे काम के बदले 20,000 रुपये की मांग की जा रही है. उसने भावुक होते हुए कहा कि समाधान की आस में अंचल कार्यालय के चक्कर काटते-काटते अब तक वह अपनी गाड़ी में 10,000 रुपये का पेट्रोल जला चुका है, लेकिन परिणाम शून्य रहा.
एसडीएम ने कहा- लिखित दें, होगी जांच
इस गंभीर शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए एसडीएम डॉ नेहा कुमारी ने पीड़ित को लिखित आवेदन देने का निर्देश दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि लिखित शिकायत मिलते ही आरोपों की गहन जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी.
शिविर में पहुंचे प्रभारी मंत्री और डीएम
इस शिविर में जिले के प्रभारी मंत्री अशोक चौधरी, डीएम उदिता सिंह और डीडीसी विजय कुमार पांडेय सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे. प्रभारी मंत्री ने इस दौरान लाभार्थियों के बीच जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र का वितरण किया. बीडीओ सौरभ कुशवाहा ने जानकारी दी कि शिविर में कुल 105 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनका ऑन द स्पॉट निष्पादन कर दिया गया है. हालांकि, रिश्वतखोरी के इस आरोप ने प्रशासनिक कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं.
