Sasaram News (मो. आरिफ खान): रोहतास जिले के करीब 7 नवस्थापित पुलिस थानों में जल्द ही सीसीटीएनएस (CCTNS) केस 1.0 व्यवस्था लागू की जाएगी. इस तकनीक आधारित व्यवस्था से थानों के रोजमर्रा के कामकाज में काफी तेजी आएगी. इसे धरातल पर उतारने के लिए बिहार पुलिस और एनआईसी (NIC) बिहार की ओर से सोमवार को एक विशेष ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया. इस नई पहल से जिले के थानों में डिजिटल पुलिसिंग को मजबूती मिलेगी और अपराध व अपराधियों से जुड़े डाटा का प्रबंधन पहले से कहीं अधिक प्रभावी हो सकेगा.
डिजिटल पुलिसिंग में बिहार को अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य: एनआईसी
ऑनलाइन कार्यशाला को संबोधित करते हुए राज्य सूचना विज्ञान पदाधिकारी डॉ. शैलेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि बिहार को डिजिटल पुलिसिंग के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि बिहार में विकसित की जा रही यह कार्यप्रणाली और तकनीकी मॉडल आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी एक बेहतरीन उदाहरण साबित होंगे. कार्यशाला के दौरान नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के प्रतिनिधियों ने मौजूद पुलिसकर्मियों को सीसीटीएनएस केस 1.0 की प्रमुख विशेषताओं और इसके विभिन्न मॉड्यूल्स के बारे में तकनीकी जानकारियां दीं. वहीं एनआईसी बिहार के राज्य तकनीकी निदेशक नवीन कुमार ने इस पूरी परियोजना की कार्ययोजना और रोलआउट प्रक्रिया को विस्तार से साझा किया.
पारदर्शिता के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान होगा तेज
इस विशेष प्रशिक्षण सत्र में विशेषज्ञ राम भगवान सिंह, प्रदीप नायक और अभिषेक कुमार ने पुलिसकर्मियों को सभी तकनीकी मॉड्यूल्स पर व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) ट्रेनिंग दी. रोहतास जिला स्तर पर सहायक जिला सूचना पदाधिकारी चंदन कुमार सिन्हा ने प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को जरूरी तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई, जिससे इस कार्यक्रम का सफल संचालन सुनिश्चित किया जा सका. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नए थानों में सीसीटीएनएस केस 1.0 पूरी तरह लागू होने के बाद पुलिसिया कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी. इसके साथ ही अंतर-जिला और अंतर-राज्य स्तर पर सूचनाओं को साझा करने की प्रक्रिया अधिक तेज, सुरक्षित व प्रभावी हो सकेगी.
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