Rohtas News : जिला महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत शनिवार को रोहतास प्रखंड स्थित सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) प्लस टू प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय, उचेला में 'सखी वार्ता' कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में छात्राओं को बाल विवाह, लैंगिक हिंसा, दहेज प्रथा और महिलाओं से जुड़े विभिन्न सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक किया गया.
बाल विवाह रोकने की दिलाई शपथ
जिला परियोजना प्रबंधक मो. शमीम अंसारी ने कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इससे बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा तथा भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है. उन्होंने विवाह की वैधानिक आयु और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए छात्राओं से अपने परिवार और समाज में इस कुप्रथा के खिलाफ जागरूकता फैलाने तथा बाल विवाह रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की.
माहवारी स्वच्छता और स्वास्थ्य पर दी अहम जानकारी
जिला मिशन समन्वयक डॉ. फरहत दुरानी ने छात्राओं को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने सुरक्षित सैनिटरी पैड के उपयोग, समय-समय पर पैड बदलने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने और माहवारी से जुड़े मिथकों से दूर रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि माहवारी एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है और इसे लेकर किसी तरह का संकोच नहीं होना चाहिए.
शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर
कार्यक्रम में छात्राओं को शिक्षा को आत्मनिर्भर बनने का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए नियमित अध्ययन, अनुशासित जीवनशैली और स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया गया. साथ ही महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और महिलाओं के अधिकारों पर भी विस्तार से चर्चा की गई.
वन स्टॉप सेंटर और हेल्पलाइन की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को सासाराम और बिक्रमगंज में संचालित वन स्टॉप सेंटर, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 तथा जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई. इस अवसर पर दीपू कुमारी, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं.
