एशिया चैंपियनशिप में चमके रोहतास के पीयूष राज, अब वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप की तैयारी में जुटे

Rohtas News: हॉन्गकॉन्ग में आयोजित 22वीं जूनियर एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर पीयूष राज बिहार के पहले खिलाड़ी बन गए हैं. प्रभात खबर से विशेष बातचीत में उन्होंने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता, संघर्ष और आगामी वर्ल्ड चैंपियनशिप के लक्ष्यों को साझा किया.

Rohtas News (मो. आरिफ खान): हॉन्गकॉन्ग (चीन) में आयोजित 22वीं जूनियर एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 4×400 मीटर रिले स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर बिहार का नाम रोशन करने वाले रोहतास जिले के युवा एथलीट पीयूष राज से प्रभात खबर के प्रतिनिधि मो. आरिफ खान ने मोबाइल के माध्यम से विशेष बातचीत की. पीयूष राज इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता की रिले टीम में फ्रंट लेग पर दौड़े थे. उन्होंने बताया कि टीम ने पहले से ही मीट रिकॉर्ड तोड़ने का प्लान बना लिया था. इवेंट के दौरान माहौल काफी शानदार रहा और पूरी टीम ने मिलकर नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिखाया.

टीम ने बनाया नया मीट रिकॉर्ड

रिकॉर्ड के संबंध में पीयूष ने बताया कि पहले का रिकॉर्ड 3.07 का था, लेकिन उनकी टीम ने 3:05.54 का बेहतरीन समय निकालकर नया मीट रिकॉर्ड अपने नाम किया. हालांकि, वहां पहुंचने में टीम को वीजा की बड़ी समस्या का सामना करना पड़ा था. वीजा की दिक्कतों के कारण वे इवेंट स्थल पर प्रतियोगिता शुरू होने से महज एक घंटा पहले ही पहुंच पाए थे. इस वजह से पीयूष अपनी इंडिविजुअल इवेंट में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सके क्योंकि सफर की थकान के कारण उस वक्त उनका शरीर काफी दर्द में था. लेकिन रिले के दौरान टीम पूरी तरह रिलैक्स थी.

मां बनीं पहली बड़ी प्रेरणा

पीयूष ने बताया कि बिहार से पहला अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने का एहसास बहुत सुखद है. इससे राज्य के अन्य युवाओं के लिए भी अंतरराष्ट्रीय मंच का रास्ता खुलेगा. उन्होंने अपनी शुरुआत गांव और सोन नदी के किनारे से की थी, जिसके बाद पटना और हैदराबाद में ट्रेनिंग हुई. शुरुआत में वे आर्मी की तैयारी कर रहे थे, जहां दौड़ में हमेशा आगे रहने पर एक सीनियर की सलाह पर खेल जगत में आए. पीयूष ने बताया कि उनकी मां बबीता श्रीवास्तव खुद स्कूल के दिनों में एथलीट रही थीं, इसलिए वे ही उनकी पहली प्रेरणा बनीं और पूरे परिवार का उन्हें सहयोग मिला.

वर्ल्ड चैंपियनशिप पर है अगला लक्ष्य

पीयूष का अगला लक्ष्य आगामी अगस्त में यूएसए में होने वाली वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप है, जिसके लिए वे हैदराबाद में कड़ी ट्रेनिंग करेंगे. उन्होंने रोहतास में खिलाड़ियों की सुविधा के लिए कम से कम एक सिंथेटिक ट्रैक की आवश्यकता जताई. बिहार में खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि खेल निदेशक सह डीजी रविंद्र शंकरण के प्रयासों से राज्य में खेल का माहौल काफी बदला है और बिहार सरकार से आर्थिक मदद मिल रही है. वहीं मुख्यमंत्री से मिली बधाई पर खुशी जताते हुए उन्होंने इसे एक बड़ा प्रोत्साहन बताया.

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Published by: Vikas Jha

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