Rohtas News: रोहतास में मॉनसून की पहली बारिश में ही कोचस नगर पंचायत क्षेत्र के कई वार्डों में भीषण जलजमाव, कीचड़ और गंदगी से स्थानीय लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. स्थानीय नागरिकों के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में नाली और गली के सुदृढ़ीकरण निर्माण पर करोड़ों रुपये पानी की तरह खर्च किये गये थे, लेकिन नगर पंचायत के कुल 16 वार्डों में जमीनी हालात आज भी जस के तस बने हुए हैं. पिछले दो दिनों से इलाके में रुक-रुक कर हो रही मानसूनी बारिश के कारण विभिन्न रिहायशी वार्डों में पानी जमा हो गया है, जिससे लोगों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए इसी गंदे और बदबूदार पानी से होकर अपने घरों से बाहर निकलना पड़ रहा है.
स्टेट हाईवे-17 पर जलभराव से आवागमन बुरी तरह प्रभावित
इस अव्यवस्था के कारण शहर के बीच से गुजरने वाले व्यस्त सासाराम-चौसा स्टेट हाइवे-17 पर भी कई प्रमुख स्थानों पर गहरा कीचड़ और जलजमाव बना हुआ है, जिससे वाहनों और राहगीरों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. स्थानीय पूर्व पैक्स अध्यक्ष सुरेंद्र दुबे, मुन्ना पासवान, सतेंद्र प्रसाद गुप्ता, दीनानाथ तिवारी, कमलेश शर्मा, जवाहर साह और विकास गुप्ता ने सामूहिक रूप से बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में बरसात का मौसम शुरू होने से पहले नगर पंचायत द्वारा नालों की तसल्लीबख्श सफाई और उड़ाही का कार्य बिल्कुल नहीं कराया गया. इसी लापरवाही के कारण अधिकांश मुख्य नालियां मिट्टी, गाद और प्लास्टिक कचरे से पूरी तरह अटी पड़ी हैं.
अधूरे नाला निर्माण से पुरानी बाजार में घुसा गंदा पानी
ग्रामीणों ने आगे बताया कि नगर पंचायत के वार्ड संख्या 5, 7, 8, 9, 10 और 11 में पीसीसी सड़क ढलाई और नाला निर्माण का महत्वपूर्ण सरकारी कार्य अब भी आधा-अधूरा पड़ा हुआ है. कई घनी आबादी वाले वार्डों में नाली का मुकम्मल निर्माण नहीं होने से मोहल्लों की जलनिकासी पूरी तरह बाधित हो गयी है. लोगों का कहना है कि शहर के व्यस्ततम पुरानी बाजार, वार्ड संख्या सात की मुख्य सड़क, वार्ड संख्या 10 की मुख्य सड़क व ओवरब्रिज के सर्विस रोड के किनारे स्थित व्यावसायिक दुकानों के सामने घुटने तक गंदा पानी जमा हो गया है, जिससे राहगीरों, स्थानीय दुकानदारों और छोटे-बड़े वाहन चालकों को भारी मानसिक व शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
वार्ड पार्षदों ने लगाया तीन करोड़ की राशि में भ्रष्टाचार का आरोप
इस भयावह बदहाली को लेकर अब नगर पंचायत के ही कई वार्ड पार्षदों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है. पार्षदों ने सीधा आरोप लगाया कि नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में गली और नाली निर्माण के नाम पर खर्च किये गये तीन करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी राशि पूरी तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी है. उनका कहना है कि इस गंभीर वित्तीय और विकासात्मक मुद्दे को नगर पंचायत की सामान्य बोर्ड की बैठकों में कई बार पुरजोर तरीके से उठाया गया, लेकिन कार्यपालक पदाधिकारी की ओर से इस पर अब तक कोई ठोस सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गयी. इस संबंध में जब नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी ओमप्रकाश सिंह से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
