Rohtas News (मो. आरिफ खान की रिपोर्ट): जिले के प्रारंभिक विद्यालयों में पढ़ने वाले कमजोर छात्र-छात्राओं के भाषा एवं गणितीय कौशल को मजबूत करने के लिए एक जून से ‘कमाल का कैम्प’ शुरू किया जाएगा. इसे लेकर बुधवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी की अध्यक्षता में सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों की बैठक सह कार्यशाला आयोजित की गई.
गांव-टोला स्तर पर चलेगा समर कैम्प
बैठक में बताया गया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा पांच और छह में अध्ययनरत ऐसे छात्र-छात्राओं को चिन्हित किया जाएगा, जो भाषा और गणित की बुनियादी दक्षता में कमजोर हैं. प्रथम संस्था के सहयोग से एक जून से 30 जून तक गांव और टोला स्तर पर समर कैम्प चलाया जाएगा. कैम्प में प्रतिदिन एक से डेढ़ घंटे तक विशेष शिक्षण कराया जाएगा.
असर टूल से होगा बच्चों का चयन
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि यह केवल शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने का अभियान है. उन्होंने बताया कि बच्चों का चयन असर टूल के माध्यम से किया जाएगा और प्रत्येक कैम्प में 10 से 15 छात्र-छात्राओं को शामिल किया जाएगा.
स्वयंसेवकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
बैठक में बताया गया कि प्रत्येक मध्य विद्यालय से दो से तीन स्वयंसेवकों का चयन किया जाएगा, जो नि:शुल्क योगदान देंगे. शिक्षा सेवक और तालिमी मरकज कर्मी भी स्वयंसेवक के रूप में कैम्प का संचालन करेंगे. चयनित स्वयंसेवकों को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता, जिला रिसोर्स पर्सन और प्रखंड नोडल पर्सन द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा.
समुदाय की भागीदारी पर जोर
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप बच्चों को बुनियादी शिक्षा में दक्ष बनाना जरूरी है. इसके लिए समुदाय की भागीदारी भी अहम होगी. बैठक में विभिन्न प्रखंडों के बीईओ, राज्य साधन सेवी बंशीधर दुबे, प्रथम संस्था के प्रतिनिधि और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे.
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