Rohtas News : राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 को लेकर रोहतास जिले की तैयारी बेहद धीमी गति से चल रही है. जिले में सैकड़ों सरकारी और निजी विद्यालय संचालित हैं, लेकिन अब तक केवल एक प्रोजेक्ट का ही ऑनलाइन पंजीकरण हुआ है. जिला-वार पंजीकरण की ताजा सूची में रोहतास कम पंजीकरण वाले जिलों में शामिल है, जबकि कई अन्य जिले दर्जनों प्रोजेक्ट दर्ज करा चुके हैं. इससे शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ गई है.
सभी स्कूलों को कम-से-कम एक प्रोजेक्ट भेजने का निर्देश
अक्टूबर में प्रस्तावित जिला स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शन में भाग लेने के लिए सभी विद्यालयों को कम-से-कम एक प्रोजेक्ट का ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराने का निर्देश पहले ही जिला स्तरीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला में दिया जा चुका है. इसके बावजूद अधिकांश विद्यालयों ने अब तक पंजीकरण प्रक्रिया शुरू नहीं की है.
छात्रों के अवसर पर मंडरा रहा खतरा
शिक्षा विभाग का मानना है कि यदि समय रहते पंजीकरण नहीं हुआ तो बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने से वंचित रह जाएंगे. इसका असर जिले की भागीदारी और राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन पर भी पड़ सकता है.
विज्ञान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों से अपील
सायंस फॉर सोसायटी के जिला समन्वयक विजेंद्र कुमार केशरी ने सभी प्रधानाध्यापकों और विज्ञान शिक्षकों से तत्काल पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है. उन्होंने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण की मॉनिटरिंग सीधे जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से की जा रही है. सभी विद्यालयों को एनसीएससी पोर्टल के निर्धारित लिंक के माध्यम से जल्द से जल्द अपने प्रोजेक्ट का पंजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
डीईओ बोले- वैज्ञानिक सोच विकसित करने का बड़ा मंच
जिला शिक्षा पदाधिकारी मदन राय ने कहा कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच है. उन्होंने कहा कि विद्यालयों की उदासीनता से जिले का प्रदर्शन प्रभावित होगा और प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के अवसर भी सीमित हो सकते हैं. उन्होंने सभी विद्यालयों से निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि रोहतास की भागीदारी सम्मानजनक स्तर पर सुनिश्चित हो सके.
