शिकायतों का समाधान 48 से 72 घंटे के अंदर होगा : डीएम

नल-जल, अतिक्रमण व भूमि विवाद पर उठे सवाल

जनसंवाद. राजपुर में जनसंवाद कार्यक्रम, डीएम ने सुनीं जन समस्याएं.

सरपंच को जमीन विवादों का निबटारा करने का दिया निर्देश

नल-जल, अतिक्रमण व भूमि विवाद पर उठे सवाल

कुर्सी नहीं मिलने पर बीस सूत्री अध्यक्ष ने किया कार्यक्रम का बहिष्कार

डीएम नहीं देखने गयीं बच्चों के लगाये गये स्टाॅल, मायूस हुए बच्चे

फोटो-12- जन संवाद के दौरान अधिकारीगण

प्रतिनिधि, राजपुर

प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में बुधवार को जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी उदिता सिंह, डीडीसी बिजय कुमार पांडेय, बिक्रमगंज एसडीएम, उपसमाहर्ता, एलआरडीसी व प्रमुख कुंती देवी सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली छात्राओं के स्वागत गीत से हुई. इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने अंगवस्त्र एवं बुके भेंट कर अधिकारियों का स्वागत किया. जनसंवाद के दौरान प्रखंड प्रमुख ने राजपुर चौक पर लाखों की लागत से निर्मित सार्वजनिक शौचालय में बंद ताला खुलवाने की मांग की. पंडरिया पंचायत के मुखिया संतोष कुमार सिंह ने भलुआहीं गांव स्थित अंग्रेजों के समय बनी सियांवक कुझी नहर की जर्जर पुलिया के पुनर्निर्माण की मांग उठायी. इस पर डीडीसी ने सिंचाई विभाग के अधिकारी को जांच करने का निर्देश देने की बात कही.

सियांवक पंचायत के मुखिया कुमार रितेश ने सियांवक कुझी राजबाहे को अतिक्रमणमुक्त कराने की मांग की. राजनडीह पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सुनील राय ने नल-जल योजना का मुद्दा उठाया. इस पर जिलाधिकारी ने पीएचइडी के टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी. पकड़ी गांव निवासी सरोज तिवारी ने गांव में शराब बिक्री की शिकायत की. महुअरी गांव के संतोष चौधरी ने दबंगों द्वारा जमीन पर जबरन कब्जा किये जाने की बात रखी.

दर्ज कराएं शिकायतें, होगा समाधान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि नल-जल, विद्युत व अन्य छोटी समस्याओं का समाधान 48 से 72 घंटे के अंदर किया जायेगा. उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं. प्रशासन को जैसे जनता से अपेक्षा है, वैसे ही प्रशासन भी जनता से सहयोग की उम्मीद करता है. उन्होंने कहा कि ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ कार्यक्रम की प्रखंडस्तर पर रफ्तार संतोषजनक नहीं है. जमीनी विवाद का निपटारा पंचायत स्तर पर सरपंच को करना चाहिए, क्योंकि वे स्थानीय हकीकत से अवगत होते हैं. उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे केवल हस्ताक्षर तक सीमित न रहें, बल्कि मोबाइल पर संदेश पढ़ना भी सीखें. कई जीविका दीदियों को अब भी मोबाइल संचालन नहीं आता है.

प्रखंड परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाये गये थे, लेकिन डीएम अथवा अन्य अधिकारियों द्वारा उनका अवलोकन नहीं किये जाने से प्रतिभागी छात्र मायूस दिखे. इधर सत्ताधारी राजनीतिक दल के प्रखंड अध्यक्ष सह बीस सूत्री अध्यक्ष नवनीत राय ने यह आरोप लगाते हुए कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया कि उन्हें बैठने के लिए कुर्सी नहीं दी गयी. जिलाधिकारी द्वारा अंदर बुलाये जाने के बावजूद वे बाहर ही खड़े रहे.

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By Anurag sharan

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