Sasaram News : उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलना और मनरेगा को समाप्त किया जाना किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां हैं. इसके अलावा अमेरिका के दबाव में किसान विरोधी मुक्त व्यापार समझौते का खतरा, खेती की बढ़ती लागत, सरकार की ओर से अनाज की कम खरीद, खेती का कॉरपोरेटीकरण तथा भूमिहीनों को कृषि और आवासीय जमीन नहीं मिलना भी किसानों की प्रमुख समस्याएं हैं. यह बात अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा (एआईकेएमएस) के अखिल भारतीय महासचिव डॉ. आशीष मित्तल ने कही. वे महात्मा फुले मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के शंकर सिंह सभागार में संगठन के चतुर्थ बिहार राज्य सम्मेलन के अंतिम दिन रविवार को केंद्रीय कार्यकारिणी की ओर से किसानों के आह्वान से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत कर रहे थे.
एमएसपी और मनरेगा को लेकर किसानों की चिंता
डॉ. आशीष मित्तल ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलना गंभीर समस्या है. वहीं, मनरेगा को समाप्त किए जाने की स्थिति किसानों और ग्रामीण मजदूरों के हितों को प्रभावित करेगी. उन्होंने खेती की बढ़ती लागत और सरकार की ओर से अनाज की कम खरीद को भी किसानों के लिए चुनौती बताया.
मुक्त व्यापार समझौते और कॉरपोरेटीकरण का विरोध
उन्होंने कहा कि अमेरिका के दबाव में किसान विरोधी मुक्त व्यापार समझौते का खतरा बना हुआ है. इसके साथ ही खेती के बढ़ते कॉरपोरेटीकरण और भूमिहीनों को कृषि एवं आवासीय जमीन उपलब्ध नहीं कराए जाने का मुद्दा भी गंभीर है. उन्होंने किसानों से इन समस्याओं के खिलाफ संघर्ष को मजबूत करने का आह्वान किया.
संगठनात्मक रिपोर्ट पर प्रतिनिधियों ने रखे सुझाव
राज्य कमिटी के महासचिव शंभू प्रसाद सिंह ने संगठन की राज्य कार्यकारिणी की रिपोर्ट प्रस्तुत की. रिपोर्ट पर कई प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव और आलोचनाएं रखीं. लंबी चर्चा के बाद शंभू प्रसाद सिंह ने प्रतिनिधियों के सवालों का जवाब दिया और आने वाले समय में नयी कार्यकारिणी की ओर से आंदोलन को अधिक सुचारू रूप से विकसित करने का आश्वासन दिया. इसके बाद रिपोर्ट को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया.
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शंभू प्रसाद सिंह बने अध्यक्ष, अयोध्या राम महासचिव
सम्मेलन के अंतिम चरण में सर्वसम्मति से नयी बिहार राज्य कमिटी का चुनाव किया गया. इसमें शंभू प्रसाद सिंह को अध्यक्ष, रामचंद्र सिंह को उपाध्यक्ष और अयोध्या राम को महासचिव चुना गया. कार्यकारिणी सदस्यों में राम वृक्ष राम, रुदल, अशोक मंडल, सुदामा, सुरेंद्र सिंह, मानती राम और रमेश शामिल हैं.
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मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखने का लिया संकल्प
सम्मेलन के समापन पर आयोजन कमिटी के स्वयंसेवी साथियों और लोक संघर्ष मोर्चा के साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया. संगठन की विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया, जिसके बाद सम्मेलन की समाप्ति की घोषणा की गयी.
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