Rohtas News : रोहतास-कैमूर स्थानीय प्राधिकार क्षेत्र के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) संतोष कुमार सिंह ने गुरुवार को बिहार विधान परिषद में त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधियों को आर्म्स लाइसेंस जारी करने में हो रही देरी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया. उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद लाइसेंस निर्गत नहीं होने पर चिंता जताते हुए सरकार से इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की.
जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा का उठाया मुद्दा
सदन में एमएलसी संतोष कुमार सिंह ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को देर रात भी पंचायत से जुड़े विभिन्न कार्यों के सिलसिले में गांवों और पंचायतों में जाना पड़ता है. ऐसे में उनकी सुरक्षा एक गंभीर विषय है. इसके बावजूद लंबे समय से आर्म्स लाइसेंस के आवेदन लंबित पड़े हैं, जिससे जनप्रतिनिधियों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है.
मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद नहीं मिली स्वीकृति
एमएलसी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पंचायत जनप्रतिनिधियों को 60 दिनों के भीतर आर्म्स लाइसेंस जारी करने की घोषणा की थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक बड़ी संख्या में आवेदनों पर स्वीकृति नहीं मिल सकी है.
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से जनप्रतिनिधियों के आवेदन संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों (डीएम) के पास लंबित पड़े हुए हैं और उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है.
डीएम पर लगाया उपेक्षा का आरोप
संतोष कुमार सिंह ने सदन में कहा कि जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय जिला प्रशासन उनके आवेदनों को लंबित रखे हुए है. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं, जबकि पंचायत प्रतिनिधियों के मामलों में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई जा रही है.
सभापति ने सरकार को कराया अवगत कराने का भरोसा
एमएलसी के सवाल पर विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि वे उनकी भावना को समझते हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विषय से सरकार को अवगत कराया जाएगा, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके.
