रोहतास: मांझर कुंड फिर खुला, लेकिन प्लास्टिक-थर्मोकोल पर पूरी तरह रोक, रोज सिर्फ 150 वाहनों को मिलेगी एंट्री

रोहतास का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मांझर कुंड पर्यटकों के लिए फिर खोल दिया गया है. पर्यावरण संरक्षण के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक और थर्मोकोल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. दैनिक 150 वाहनों की ही एंट्री होगी, इसलिए 'पहले आओ, पहले पाओ' नियम लागू रहेगा.

Rohtas News : रोहतास जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल एवं पिकनिक स्पॉट मांझर कुंड को एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है. हालांकि जिला प्रशासन और वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक, थर्मोकोल प्लेट, डिस्पोजल ग्लास, प्लास्टिक की पानी की बोतल समेत अन्य प्रतिबंधित सामग्री लेकर जाने पर सख्त रोक लगा दी है. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

सफाई अभियान के बाद हटाया गया प्रतिबंध

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि झरना क्षेत्र में फैले प्लास्टिक कचरे और गंदगी की सफाई के लिए पिछले सप्ताह पर्यटकों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगाई गई थी. सफाई अभियान पूरा होने और क्षेत्र को व्यवस्थित किए जाने के बाद अब प्रतिबंध हटा लिया गया है. पर्यटकों से प्राकृतिक सुंदरता और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई है.

चेक पोस्ट पर होगी सख्त जांच

प्रभागीय वन पदाधिकारी (डीएफओ) स्टालिन कुमार फिडल ने बताया कि मांझर कुंड जाने वाले मार्ग पर चेक पोस्ट बनाए गए हैं. यहां वनकर्मी और प्रशासनिक टीम सभी वाहनों की जांच करेगी. यदि किसी के पास प्रतिबंधित प्लास्टिक या थर्मोकोल सामग्री मिली तो उसे जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. पर्यटकों से पुन: उपयोग योग्य पानी की बोतल, स्टील या कपड़े के बर्तनों के इस्तेमाल की अपील की गई है.

रोजाना सिर्फ 150 वाहनों को मिलेगी अनुमति

जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण और भीड़ नियंत्रण को देखते हुए प्रतिदिन करीब 150 वाहनों को ही मांझर कुंड जाने की अनुमति दी जाएगी. ऐसे में 'पहले आओ, पहले जाओ' व्यवस्था लागू रहेगी. प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से पर्यटन स्थल को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है.


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Prabhat khabar news desk

Published by: Vivek Singh

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >