Rohtas News : जीविका दीदियों को स्वरोजगार के जरिए आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिला उद्योग केंद्र ने उद्यम पंजीकरण अभियान तेज कर दिया है. जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक आशीष रंजन ने बताया कि जिन जीविका दीदियों को 10 हजार रुपये की सहायता राशि मिल चुकी है और वे किसी स्वरोजगार या उद्यम से जुड़ी हैं, वे अपने प्रखंड के बीपीएम से संपर्क कर नि:शुल्क उद्यम पंजीकरण करा सकती हैं.
कई तरह के स्वरोजगार से जुड़ी हैं महिलाएं
महाप्रबंधक ने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में जीविका दीदियां सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, बकरी पालन, मशरूम उत्पादन, अगरबत्ती निर्माण, घरेलू उत्पाद और सेवा क्षेत्र समेत कई छोटे व्यवसाय चला रही हैं. ऐसे सभी उद्यमियों के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के तहत उद्यम पंजीकरण काफी लाभकारी है. यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और नि:शुल्क है.
बैंक ऋण और सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ
उद्यम पंजीकरण के बाद महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, बैंक ऋण, सब्सिडी, प्रशिक्षण, विपणन सहायता और तकनीकी सहयोग का लाभ लेने में आसानी होगी. इसके अलावा सरकारी खरीद में प्राथमिकता सहित अन्य प्रोत्साहन भी मिल सकते हैं. इससे छोटे उद्यमों को पहचान मिलने के साथ उनके विस्तार का रास्ता भी आसान होगा.
पात्र महिलाओं से पंजीकरण कराने की अपील
जिला उद्योग केंद्र ने जीविका समूहों, ग्राम संगठनों और संकुल स्तरीय संघों से पात्र महिलाओं को उद्यम पंजीकरण के लिए प्रेरित करने की अपील की है. इच्छुक लाभार्थी जिला उद्योग केंद्र या अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से संपर्क कर आवश्यक जानकारी और सहयोग प्राप्त कर सकते हैं.
