Sasaram News(जितेंद्र कुमार पासवान): सदर अस्पताल परिसर में शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय डेंगू और चिकुनगुनिया दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी सिविल सर्जन सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. बीके पुष्कर ने की. इस दौरान अस्पताल कर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों और जीएनएम स्कूल की छात्राओं को डेंगू और चिकुनगुनिया जैसी बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया.
साफ-सफाई पर दिया जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. बीके पुष्कर ने कहा कि डेंगू एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है. लेकिन समय रहते सावधानी बरतकर इससे बचाव संभव है. उन्होंने कहा कि लोगों को अपने घरों और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की जरूरत है. उन्होंने बताया कि घर के आगे या आसपास जमा पानी में मिट्टी के तेल का छिड़काव करने से मच्छरों के लार्वा नष्ट हो जाते हैं और डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर की संख्या कम होती है.
मच्छरों से बचाव के उपाय बताए
डॉ. पुष्कर ने लोगों को सलाह दी कि दिन में भी सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें और मच्छर भगाने वाली क्रीम या दवाओं का इस्तेमाल करें. उन्होंने कहा कि कूलर, एसी, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, टूटे-फूटे बर्तन और पानी की टंकियों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए. सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर और पानी रखने वाले बर्तनों की सफाई जरूर करनी चाहिए, ताकि मच्छरों के पनपने की संभावना खत्म हो सके.
डेंगू के लक्षणों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने छात्राओं और अस्पताल कर्मियों को डेंगू के लक्षणों के बारे में भी जानकारी दी. बताया गया कि तेज बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द और त्वचा पर लाल चकत्ते डेंगू के प्रमुख लक्षण हैं. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और स्वयं दवा लेने से बचना चाहिए.
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