PHOTOS : गुप्ता धाम का रास्ता खुला, 15 दिन बाद कैमूर पहाड़ी में लौटी रौनक, झरनों का दीदार करने पहुंच रहे पर्यटक

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कैमूर पहाड़ी

15 दिन के लंबे इंतजार के बाद कैमूर पहाड़ी का गुप्ता धाम मार्ग पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है. मूसलाधार बारिश के कारण बंद हुए इस मार्ग पर अब सैलानी झरनों और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले रहे हैं.

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करीब पखवारे बाद पर्यटकों के लिए खुला गुप्ता धाम मार्ग

लगातार बारिश के कारण करीब 15 दिनों से बंद प्रसिद्ध गुप्तेश्वर नाथ धाम यानी गुप्ता धाम का मार्ग सोमवार से पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया. मार्ग खुलते ही बड़ी संख्या में लोग कैमूर पहाड़ी के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचे.

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झरनों और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से बंद था रास्ता

मूसलाधार बारिश के बाद गुप्ता धाम मार्ग में पड़ने वाले झरनों और नदी-नालों का जलस्तर काफी बढ़ गया था. तेज बहाव के कारण आवागमन जोखिमपूर्ण हो गया था, जिसके चलते वन विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग बंद कर दिया था.

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झरनों और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से बंद था रास्ता

मूसलाधार बारिश के बाद गुप्ता धाम मार्ग में पड़ने वाले झरनों और नदी-नालों का जलस्तर काफी बढ़ गया था. तेज बहाव के कारण आवागमन जोखिमपूर्ण हो गया था, जिसके चलते वन विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग बंद कर दिया था.

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रास्ता खुलते उमड़ी पर्यटकों की भीड़

जलप्रवाह कम होने और स्थिति सामान्य होने के बाद वन विभाग ने मार्ग खोलने का फैसला लिया. सोमवार को रास्ता खुलते ही परिवार और दोस्तों के साथ पहुंचे पर्यटक पहाड़ी झरनों और आसपास के प्राकृतिक नजारों का आनंद लेते नजर आये.

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सुरक्षा को लेकर झरनों के पास वनकर्मियों की तैनाती

पर्यटकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए वन विभाग ने झरनों और संवेदनशील स्थानों पर कर्मियों और अधिकारियों की तैनाती की. कर्मी लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उन्हें तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह देते रहे.

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बारिश में अचानक बढ़ सकता है झरनों का बहाव

वन उप परिसर पदाधिकारी सुगीखोह एवं फुलवरिया अधिकारी भीम कुमार ने बताया कि बारिश के मौसम में पहाड़ी झरनों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है. ऊपर पहाड़ों में बारिश होने के कुछ समय बाद नीचे के झरनों में तेज बहाव आने की संभावना रहती है. पर्यटकों को पानी के अधिक नजदीक नहीं जाने और झरने के बहाव को पार करने का प्रयास नहीं करने की सलाह दी गयी है. मौसम और जलप्रवाह पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थिति असुरक्षित होने पर मार्ग पर फिर से प्रतिबंध लगाया जा सकता है.

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By Prabhat khabar news desk

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