Rohtas News : कैमूर पहाड़ी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश का असर अब दुर्गावती नदी और सोन उच्चस्तरीय नहर में भी दिखने लगा है. दोनों जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ने से चेनारी प्रखंड के तटीय इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका बढ़ गयी है. स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है. अंचलाधिकारी पुरुषोत्तम कुमार ने तटीय क्षेत्रों का जायजा लेकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है. ग्रामीणों से नदी और नहर के आसपास नहीं जाने की सलाह दी गयी है.
दुर्गावती नदी में तेज हुआ पानी का बहाव
लगातार बारिश के कारण दुर्गावती नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ पानी का बहाव भी तेज हो गया है. नदी किनारे बसे गांवों में प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है. ग्रामीणों को विशेष रूप से बच्चों और पशुओं को नदी के समीप नहीं जाने देने की सलाह दी गयी है. प्रशासन की टीम संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों की भी जानकारी जुटा रही है.
सोन उच्चस्तरीय नहर में भी बढ़ा जलस्तर
दुर्गावती नदी के साथ सोन उच्चस्तरीय नहर में भी पानी बढ़ने से आसपास के गांवों में चिंता बढ़ गयी है. नहर में जलस्तर बढ़ने के कारण तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है. प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी तरह की आपात स्थिति में तत्काल सूचना देने की अपील की है.
गांवों में कराया जा रहा उद्घोषणा
प्रशासन की ओर से ग्रामीण इलाकों में ध्वनि यंत्र के माध्यम से लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है. नदी, नहर और जलजमाव वाले स्थानों से दूरी बनाये रखने की अपील की जा रही है. खासकर बच्चों को नदी और नहर में नहाने या मछली पकड़ने के लिए नहीं जाने की सलाह दी गयी है.
तटीय इलाकों में प्रशासन की लगातार निगरानी
अंचलाधिकारी पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि लगातार बारिश के कारण दुर्गावती नदी और सोन उच्चस्तरीय नहर का जलस्तर बढ़ा है. तटीय गांवों में प्रशासन की लगातार निगरानी है. लोगों से नदी-नहर के पास नहीं जाने और बच्चों व पशुओं को दूर रखने की अपील की जा रही है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है. जलस्तर और क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में होगी कार्रवाई
अंचल प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी तरह की परेशानी होने पर तत्काल प्रशासन को सूचना दें. अधिकारियों का कहना है कि बारिश और जलस्तर की स्थिति को देखते हुए जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में तत्काल कार्रवाई की जायेगी.
